अब फाटक रहित रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात होंगे पूर्व सैनिक

गोपालगंज । बात दो महीना पहले की है। बैकुंठपुर प्रखंड के ब्रजकिशोर हाल्ट के समीप फाटक रहित रेलवे क्रा¨सग को पार करते समय एक बोलेरो पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई थी। इस हादसे के बाद उग्र लोगों ने ट्रेन पर जमकर पथराव किया। जिससे ट्रेन के सहायक लोको पायलट घायल हो गए थे। इस घटना के एक माह पूर्व सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक स्कूल बस फाटक रहित रेलवे क्रा¨सग को पार करते समय थावे से गोरखपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन के चपेट में आ गई थी। जिससे बस में सवार सात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। ये दोनों घटनाएं तो महज उदाहरण भर हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे अंतर्गत आने वाले गोपालगंज, सिवान सहित सीमावर्ती यूपी में फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पार करते समय लोगों के हादसों के शिकार होने का मामला सामने आता रहता है। लेकिन अब फाटक रहित रेलवे क्रासिंग हादसों का कारण नहीं बनेंगी। फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पार करना अब सुरक्षित होगा। फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पर अब पूर्व सैनिक तैनात किए जाएंगे। पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने क्षेत्र अंतर्गत आने वाले जिन फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पर पूर्व सैनिकों को तैनात करने की पहल की है, उसमें गोपालगंज तथा सिवान जिले के भी फाटक रहित रेलवे क्रासिंग शामिल हैं। पूर्वोत्तर रेल प्रशासन ने क्रासिंग रहित रेलवे फाटक पर तैनात करने के लिए पूर्व सैनिकों को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बहाली की प्रक्रिया पूरी होते ही गोपालगंज जिले में पड़ने वाले फाटक रहित रेलवे क्रासिंग की जिम्मेदारी पूर्व सैनिक संभाल लेंगे।

जिले से सिवान-थावे-गोरखुपर, थावे-मशरख तथा हथुआ- पंचदेवरी रेल खंड गुजरती है। इन रेलखंडों पर 221 के करीब रेलवे क्रासिंग पड़ते हैं। जिनमें से करीब 160 रेलवे क्रासिंग फाटक रहित हैं। हालांकि फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पर रेल प्रशासन ने गेट मित्र तैनात किया है। ये गेट मित्र ट्रेन के आने के समय क्रासिंग से होकर गुजरने वाले लोगों को रोक कर उन्हें सचेत करते हैं। लेकिन अक्सर फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पर तैनात किए गए गेट मित्रों की आवाज को अनसुना कर लोग सामने आती ट्रेन को देखकर भी रेलवे क्रासिंग पार करने लगते हैं। जिससे फाटक रहित रेलवे क्रासिंग को पार करते समय अक्सर ट्रेन की चपेट में हादसे होते रहते हैं। जिसे देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने गोपालगंज, सिवान सहित अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फाटक रहित रेलवे क्रासिंग पर पूर्व सैनिकों को तैनात करने की पहल की है। इसके लिए पूर्व सैनिकों की बहाली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। फाटक रहित क्रासिंग पर तैनात होने वाले पूर्व सैनिकों को 25 हजार रुपया प्रति महीना मानदेय पूर्वोत्तर रेल प्रशासन देगा। बहाली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले से गुजरने वाले रेलवे रुट पर पड़ने वाले फाटक रहित मुख्य रेलवे क्रासिंग पर भी पूर्व सैनिकों को तैनात कर किया जाएगा।

पूर्वोत्तर रेल प्रशासन ने फाटक रहित मुख्य रेलवे क्रासिंग पर पूर्व सैनिकों को बहाल करने की पहल की है। जिन जिलों में फाटक रहित क्रासिंग पर पूर्व सैनिक तैनात किए जाएंगे उसमें गोपालगंज जिला भी शामिल है। बहाली की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूर्व सैनिकों की तैनाती का काम शुरू हो जाएगा।

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