एक पीएनआर पर दो जगह बर्थ

Lucknow New (LJN) लखनऊ: पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की कार्य प्रणाली भी निराली है। आरक्षित बुकिंग काउंटर के बाहर टिकट दलालों की सेंधमारी है, तो अंदर विभाग के संबंधित लोगों में कोटे के नाम पर लापरवाही। लंबी दूरी की गाड़ियों में एक-एक बर्थ के लिए मारामारी है। पूर्वोत्तर रेलवे में तो एक पीएनआर पर एक ही कोच में दो जगह बर्थ आरक्षित हो जा रहे हैं।

गोरखपुर में 15 दिसंबर को ही हेडक्वार्टर आफिस कोटे से एक सांसद के पीएनआर नंबर पर दो जगह बर्थ आरक्षित हो गई। जानकारी होने पर सांसद भी परेशान हो उठे। मौके से ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद हड़कंप मच गया। मामले की छानबीन चल रही है।

बरौनी से नई दिल्ली जाने वाली 12553 वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस से आधा दर्जन सांसद 15 दिसंबर को दिल्ली गए। इसमें कमांडो कमल किशोर, जगदंबिका पाल, हर्षवर्धन सिंह आदि मौजूद थे। कमल किशोर ने टिकट आरक्षित कराने को गोरखपुर व बरौनी हेडक्वार्टर कोटे से निवेदन किया था। बरौनी हेडक्वार्टर कोटे से गोरखपुर से नई दिल्ली के लिए पीएनआर नंबर 6621465298 पर कोच ए वन के केबिन में उनका और उनके साथ चलने वाले की बर्थ कंफर्म हो गई, लेकिन, उसी पीएनआर नंबर पर गोरखपुर हेडक्वार्टर कोटे से भी बर्थ आरक्षित हो गई। पर यहां से उनका बर्थ कूपे ई में आरक्षित हुआ।

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संबंधित विभाग ने भी यह जानने की कोशिश नहीं की कि जब केबिन में पहले से ही बर्थ आरक्षित है तो कूपे में क्यों आरक्षण उपलब्ध करा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि चार्ट निकलते समय भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। गाड़ी पर चार्ट भी चिपक गया। रास्ते में मामले का खुलासा हुआ। कहां से गलती हुई है, इसके लिए जिम्मेदार कौन है? की जांच शुरू हो गई है।

सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे आलोक कुमार सिंह ने बताया कि अगर ऐसा है तो मामला गंभीर है। तकनीकी खामी के चलते ही इस तरह की चूक हो सकती है। इस प्रकरण को क्रिस के सामने रखा जाएगा।

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