ट्रेन न चलने से सैकड़ों यात्री हुए हलकान

गोंडा : रविवार को गोंडा-लखनऊ रेल प्रखंड पर घाघरा पुल पर दोहरी करण को अंतिम रूप देने के कारण इस लाइन पर ट्रेनों का संचालन ठप रहा। जानकारी न होने के कारण स्टेशन पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्री तो लौट गए। कुछ यात्रियों ने प्लेटफार्म पर डेरा डाल दिया।

घाघरा पुल की लाइन दोहरीकरण के लिए रेलवे ने 14 अप्रैल को इंटर सिटी एक्सप्रेस, पैसेंजर ट्रेनें निरस्त रहीं। अन्य ट्रेनों को फैजाबाद की ओर मोड़ दिया गया। प्रचार-प्रसार के बावजूद सैकड़ों यात्री गोंडा जंक्शन पहुंचे। यहां पर ट्रेन निरस्त की सूचना से यात्री निराश हुए। इनके लिए कोई रास्ता नहीं बचा। कारण रोडवेज सेवा में बालपुर पुल बाधा है। यहां से सुबह बनारस इंटर सिटी को छोड़कर कोई ट्रेन फैजाबाद के लिए नहीं मिली। सैकड़ों की तादाद में आये यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। ट्रेनों का संचालन

न होने से स्थानीय स्तर पर टैंपों नहीं चल पाए। यात्रियों की आमद न होने से एकाध टेंपो चालक परेशान दिखे। सबसे ज्यादा समस्या परिवार के साथ आने वाले लोगों को उठानी पड़ी। इन लोगों ने स्टेशन पर डेरा डाल दिया है।

रेल यात्रियों ने कहा

स्टेशन पर आये यात्री प्रवीन श्रीवास्तव का कहना है कि गोंडा से अयोध्या के लिए लोकल ट्रेन चलानी चाहिए। ऐसा न होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।

हसीन का कहना है कि गोंडा जंक्शन पर मंडल के हजारों लोग आते हैं, लेकिन ट्रेन बंद होने पर अतिरिक्त कोई इंतजाम नहीं हुए।

यात्री उमेश श्रीवास्तव का कहना है कि रेलवे स्टेशन के पास स्थानीय रोडवेज बसें नहीं लगाई गईं। इससे चाह कर लोग लखनऊ नहीं जा पाए।

राजकुमार सिंह का कहना है कि रेलवे ने स्थानीय स्तर पर ट्रेन का संचालन बंद होने की जानकारी नहीं दी। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।

सुनील का कहना है कि मंडल मुख्यालय होते हुए ट्रेन बंद होने की समस्या का कोई हल नहीं है। इसके लिए प्रशासन को प्रयास करने चाहिए।

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