दुर्घटनाग्रस्त होते बची गुवाहटी-बीकानेर एक्सप्रेस, इटावा स्टेशन के पास

Etawah इटावा । हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर इटावा स्टेशन के पास एक बड़ा रेल हादसा ड्राइवर की सूझबूझ के साथ टल गया। ट्रैक पर लोहे की बड़ी पत्ती पड़ी होने के कारण गुवाहटी बीकानेर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। रात में ही आरपीएफ और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन ड्राइवर ट्रैक पर रखी पत्ती अपने साथ ले गया और टूंडला में जमा कर दी।

गाड़ी संख्या 15632 अप गुवाहटी बीकानेर एक्सप्रेस सोमवार तड़के सुबह 2.50 बजे अप होम सिग्नल के पास सिग्नल रेड होने के कारण खड़ी थी, जबकि इससे कुछ समय पहले नार्थईस्ट एक्सप्रेस भी पास हुई थी। बीकानेर एक्सप्रेस के ड्राइवर अरविन्द कुमार की नजर इंजन से कुछ दूरी पर रेलवे ट्रैक पर रखी लोहे की पत्ती पर गई तो उन्होंने ट्रेन से उतरकर लोहे की पत्ती उठाई और इटावा स्टेशन मास्टर को जानकारी दी कि लोहे का एक टुकड़ा रेलवे ट्रैक पर रखा हुआ है। स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी आरपीएफ को दी। आरपीएफ के एसआई टीएस चाहर, एनसी शर्मा, कांस्टेबिल श्याम सिंह, दयाकिशोर, राजेश कुमार, यातायात निरीक्षक धारा सिंह मीना मौके पर पहुंचे।

यहां पेट्रोलिंग कर रहे गैंगमन जितेन्द्र कुमार व रमेश मिले। इसके अलावा पीडब्लूआई विभाग के जेई जगदीश भी मौजूद थे। आरपीएफ ने उन सभी से पूछताछ की। गैंगमेन ने बताया कि उन्होंने रेलवे ट्रैक पर लोहे का कोई भी टुकड़ा नहीं देखा। ट्रेन ड्राइवर तो लोहे की पत्ती लेकर टूंडला चला गया और उसने वहां उसे जमा कर दिया। इस संबंध में आरपीएफ के एसआई टीएस चाहर ने बताया कि ट्रेन पहले से ही खड़ी हुई थी और ड्राइवर ने पत्ती उठाकर रख भी ली थी पर इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन ड्राइवर ने किसी को भी ट्रैक के आसपास नहीं देखा। इस मामले में फफूंद आरपीएफ इंस्पेक्टर राजकुमार जो इटावा इंस्पेक्टर का भी काम देख रहे हैं वह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस मामले की भी जांच की जा रही है। यातायात निरीक्षक धारा सिंह मीना का कहना है कि तीन चार फीट एल्युमिनियम का टुकड़ा ट्रैक के किनारे पड़ा था। जो ड्राइवर सुरक्षा की दृष्टि से साथ में ले गया।

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