पश्चिम रेलवे की पहली व्यावसायिक रोल ऑन-रोल ऑफ (रो-रो) सेवा का सूरतकल और करम्बेली के बीच सफल परिचालन

Western Railway’s first Commercial Roll On Roll Off (RO-RO) Service operated between Surathkal and Karambeli – an eco-friendly initiative by WR to check pollution and to reduce fuel consumption & road congestion. प्रदूषण रोकने तथा ईंधन खपत एवं सड़क यातायात सघनता में कमी लाने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे की एक पर्यावरण मित्रवत पहल

मुंबई – पश्चिम रेलवे ने अपनी पहली व्यावसायिक रोल ऑन-रोल ऑफ (रो-रो) सेवा का सफल परिचालन कर एक और महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस सेवा के परिचालन की शुरुआत 20 सितम्बर, 2018 को कर्नाटक में स्थित कोंकण रेलवे के सूरतकल गुड्स शेड से निकले ऐसे पहले रो-रो रेक का सफ़र शुरू होने के साथ हुई, जो 21 सितम्बर, 2018 को देर शाम गुजरात में वापी के पास स्थित पश्चिम रेलवे के करम्बेली गुड्स शेड में पहुँचा। इस पहले रो-रो रेक में 25 ट्रकों का लदान किया गया, जिसके फलस्वरूप लगभग 1.81 लाख रु. हॉलेज चार्ज वसूला गया। इस रेक में लदे ट्रकों को करम्बेली गुड्स शेड में उतारा जायेगा, जहाँ से फिर नये सिरे से ट्रकों का लदान कर यह सेवा सूरतकल के लिए अपना 290 किमी लम्बा सफ़र शुरू करेगी।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री रविंद्र भाकर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड से पश्चिम रेलवे को एकप्रस्ताव प्राप्त हुआ था, जिसमें करम्बेली और रोहा के बीच रो-रो सेवाएँ शुरू करने का अनुरोध किया गया था। इस अभिनव सेवा की शुरुआत एक ऐसा अनूठा प्रयासहै, जिसके फलस्वरूप सड़क और रेल के बीच माल सामग्री के निर्बाध परिवहन के साथ-साथ एक पर्यावरण मित्रवत परिवहन प्रणाली सुनिश्चित की जा सके। निकटभविष्य में जब माल यातायात का संचालन पश्चिमी डेडिकेटेड प्रे€ट कोरीडोर के ज़रिये किया जाने लगेगा, तब पश्चिम रेलवे पर और अधिक रो-रो सेवाओं कापरिचालन सम्भव हो सकेगा।

यह सेवा वर्तमान रेल पथ पर चलने वाली भारतीय रेल प्रणाली की अपनी तरह की पहली अल्टीमेट इंटरमोडल ट्रांसपोर्ट सेवा है। पूर्व मेंरो-रो सेवाओं का परिचालन बोईसर तक करने की अनुमति दी गई थी। बाद में कोलाड और करम्बेली के बीच एक ट्रायल सेवा का सफलतापूर्वक परिचालन कियागया। कोंकण रेलवे द्वारा मानक परिवहन क्षमता वाले उन्नत BOXN/BRN वैगनों का उपयोग किया जाता है, क्योंकि रो-रो सेवा के परिचालन में परम्परागतसपाट वैगनों का इस्तेमाल सम्भव नहीं है। उपयोग में लाये जा रहे वैगनों में प्रत्येक वैगन में एक ट्रक का लदान किया जा सकता है। कोंकण रेलवे की सीमा से बाहररो-रो सेवा के व्यावसायिक स्तर पर परिचालन का यह पहला प्रयास है।

प्रारम्भिक चरण में कोंकण रेलवे द्वारा इस सेवा के लिए यातायात जुटाने के प्रयास कियेजायेंगे। रेलवे बोर्ड के अनुदेशों के अनुसार पश्चिम रेलवे पर रो-रो सेवा के परिवहन की रूप रेखा तैयार करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का गठनकिया गया था। भारतीय रेल प्रणाली के लिए रो-रो सेवाओं का परिचालन एक अभिनव और अनूठी संकल्पना है। सूरतकल से करम्बेली तक परिचालित इस रो-रोसेवा में मुख्य रूप से प्लास्टिक ग्रेन्युल्स, सुपारी, रबड़ लेटेक्स, काजू का तेल तथा मिश्रित स्क्रैप सामग्री का परिवहन किया गया। वापसी यात्रा में भारी माल सामग्रीका परिवहन किया जायेगा।

MUMBAI: The Roll On Roll Off (RO – RO) service on Western Railway has commenced on commercial basis with the first rake starting its journey on 20th September, 2018 from Konkan Rly’s Surathkal goods shed in Karnataka and reached at Western Rly’s Karambeli goods shed in Gujarat on 21st September, 2018, late in the evening. This RO RO rake which consists of 25 trucks loaded, with an approximate haulage charge of Rs.1.81 lakhs. The rake will be unloaded at Karambeli and will again be reloaded with trucks from Karambeli goods shed, covering a total distance of 290 kms.

According to a press release issued by Shri Ravinder Bhakar – Chief Public Relations Officer of Western Railway, a proposal was received from Konkan Railway Corporation Ltd. (KRCL) for operating Roll on- Roll off services from Karambeli to Roha. This is an attempt for seamless transport of commodities from road to rail and also to provide an environment friendly transportation system. Once the traffic is diverted to Western Dedicated Freight Corridor, W. Rly will generate more capacity to move RO-RO services.

It will be the first of its kind on Indian Railways, the ultimate intermodal transport on the existing track. Earlier, running of RO-RO services was cleared upto Boisar. Later on a trial run was successfully conducted between Kolad to Karambeli.

Konkan Railway Corporation Ltd. is utilizing modified BOXN/BRN wagons with standard carrying capacity as conventional type of flat wagons cannot be used for operating RO-RO services. These wagons will accommodate one truck per wagon. This is the first attempt to run RO RO services beyond KRCL. Initially KRCL will attempt to build up traffic.

A committee comprising of Senior Railway Officers was formed to decide the rating of RO-RO traffic on Western Railway, in terms of Railway Board’s guidelines.

The Concept is unique to Indian Railways for running of RO-RO services.The traffic from Surathkal to Karambeli includes plastic granules, Supari, Rubber latex, Cashew oil & Mixed Scrap material. On the return journey heavy goods will be carried.

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