प्लेटफॉर्म पर पानी टपकने की समस्या से मिलेगा छुटकारा

सूरत। पश्चिम रेलवे के मुम्बई मंडल रेल प्रबंधक संजय मिश्राने बुधवार को सूरत और उधना स्टेशन का निरीक्षण किया। मानसून के दौरान जलभराव के हालात पैदा न हों, इसलिए उन्होंने प्री-मानसून कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गार्ड-ड्राइवर रनिंग रूम को डीआरएम अवार्ड दिया और स्थानीय अधिकारियों से स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने पर चर्चा की।

संजय मिश्रा ने 31 मई को उधना-जलगांव सेक्शन का निरीक्षण किया था। बुधवार को उन्होंने सूरत और उधना स्टेशन का निरीक्षण किया। वह मंगलवार देर रात गोल्डन टेम्पल मेल से सूरत पहुंचे। उन्होंने सुबह साढ़े नौ-दस बजे से सूरत स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक-दो-तीन-चार, पार्सल ऑफिस, इस्ट बुकिंग ऑफिस, रनिंग रूम, सब-वे, वेस्ट साइड सर्कुलेटिंग एरिया, आरक्षण केंद्र, एसी वेटिंग हॉल, महिलाओं के वेटिंग हॉल और रेलवे कॉलोनी का निरीक्षण किया। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह प्री-मानसून कार्यों तथा यात्री सुविधाओं का निरीक्षण करने आए हैं। स्टेशन के अधिकारियों को कुछ जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए। एक्जिट गेट पर बीच में बने पिलर को हटाने के लिए कहा गया। रिक्शा चालक पिलर की आड़ में खड़े हो जाते हैं, जिससे ट्रैफिक समस्या पैदा होती है।

इसके बाद उन्होंने उधना स्टेशन पर बनने वाले बुकिंग ऑफिस, आरक्षण केंद्र, वेटिंग हॉल आदि के प्लान पर स्थानीय तथा मुम्बई के अधिकारियों से चर्चा की। वह उधना रेलवे कॉलोनी तथा नए गुड्स शेड में भी गए और शेष रह गए कार्य जल्दी पूरे करने के निर्देश दिए। शाम को वह सूरत-बान्द्रा इंटरसिटी से मुम्बई रवाना हो गए। उन्होंने सूरत से वलसाड तक विंडो इंस्पेक्शन भी किया।

समाजकंटकों ने लगाई मेमू में आग: डीआरएम  –  उधना स्टेशन पर 19 मई को यार्ड में खड़ी सूरत-वलसाड मेमू ट्रेन के खाली रेक में आग लगने की घटना हुई थी। इस बारे में पत्रिका के सवाल के जवाब में डीआरएम ने कहा कि समाजकंटकों द्वारा आग लगाने की बात सामने आई है। सुरक्षा के लिए आरपीएसएफ की एक कंपनी को उधना स्टेशन भेजा गया। इन जवानों की नियुक्ति की जिम्मेदारी एएससी राकेश पांडेय को दी गई है। आग मामले की जांच के लिए चार असिस्टेंट ऑफिसरों की टीम गठित की गई थी। एफएसएल टीम ने भी क्षतिग्रस्त कोच का निरीक्षण किया था। इस मामले में स्थानीय अधिकारी शुरू से कोच के लॉक होने का दावा कर रहे थे, लेकिन डीआरएम के जवाब से वह सकते में आ गए।

वड़ोदरा के लीज कॉन्ट्रेक्टर पर होगी कार्रवाई – सूरत स्टेशन के पार्सल ऑफिस के सामने २२ मई की रात अहमदाबाद-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस पार्सल ढोने वाली लॉरी से टकरा गई थी। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने पार्सल विभाग के एक श्रमिक को गिरफ्तार किया था। डीआरएम ने बताया कि जिस लॉरी से दुरंतो एक्सप्रेस टकराई थी, वह वड़ोदरा के एक लीज कॉन्ट्रेक्टर की थी। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए वड़ोदरा मंडल के डीआरएम, एडीआरएम से बात की जा रही है।

रनिंग रूम देख खुश, 5 हजार का इनाम – सूरत स्टेशन की सफाई व्यवस्था से डीआरएम संतुष्ट दिखे। कुछ निश्चित जगहों पर उन्होंने ठेकेदार को सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने रनिंग रूम में गार्ड-ड्राइवर के रहने की व्यवस्था का भी जायजा लिया। रेल कर्मचारियों के लिए यहां पर्याप्त व्यवस्था देखकर वह खुश हुए। उन्होंने रनिंग रूम को डीआरएम अवार्ड के तौर पर पांच हजार रुपए देने की घोषणा की।

पत्रिका के सवाल, डीआरएम से जवाब

सवाल- प्री-मानसून कार्रवाई कब तक पूरी होगी?
जवाब- ड्रेनेज लाइन की सफाई तथा प्लेटफॉर्म के शेड को दुरुस्त करने पर ध्यान दिया जा रहा है। चार दिन में शेष कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
सवाल- रेल यात्रियों को एसी वेटिंग हॉल में वाइ-फाइ की सुविधा कब मिलेगी?
जवाब- स्टेशन पर हर जगह यात्रियों को वाइ-फाइ सुविधा मिल रही है। एसी वेटिंग हॉल में क्या दिक्कत है, पता नहीं। स्थानीय तथा मुम्बई के अधिकारियों को इसमें सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
सवाल- उधना स्टेशन पर एफओबी कब तक शुरू होगा?
जवाब- प्लेटफॉर्म एक तथा दो-तीन को जोडऩे वाले दूसरे एफओबी का कार्य तेजी से हो रहा है। 30 जुलाई तक ठेकेदार को कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सवाल- उधना-जलगांव दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद गाडिय़ां कब से चलाई जाएंगी।
जवाब- कुछ सेक्शन में डबल लाइन से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। नंदुरबार-डोंडाइचा सेक्शन में सीआरएस इंस्पेक्शन पूरा होने के बाद कुछ कार्य बाकी है। मध्य जुलाई तक उसे पूरा कर चालू करेंगे।

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