Hunger Strike – भूख हड़ताल पर बैठे 35 हजार स्टेशन मास्टर – उपवास और रोजा रखकर जताया आक्रोश, ड्यूटी भी की

देशभर के 35 हजार स्टेशन मास्टरों ने उपवास रखकर की ड्यूटी, जानें वजह – 11 सूत्री मांगो को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर रहे स्टेशन मास्टर। गौरतलब है कि रेल कर्मचारी केंद्र सरकार के इस नीति का विरोध कर रहे हैं। इसके पहले में लोको पायलट और गार्ड संघ ने उपवास रह कर 48 घंटे की ड्यूटी की थी। जिसके बाद अब स्टेशन मास्टरों ने ऐसा प्रदर्शन किया।

मांगों को लेकर देशभर में रेलवे के 68 डिवीजन के सभी स्टेशन मास्टर शनिवार को ऑफ ड्यूटी और ऑन ड्यूटी भूख हड़ताल पर रहे। हालांकि उन्होंने ट्रेन संचालन प्रभावित नहीं होने दिया। रेल मंत्रालय व बोर्ड द्वारा स्टेशन मास्टर की मांगों पर ध्यान न देने की वजह से देश भर के लगभग 35 हजार स्टेशन मास्टरों ने गांधी गिरी का रास्ता अपनाते हुए 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। लेकिन उन्होंने रेलवे के काम में किसी तरह की बाधा न डालते हुए डयूटी पर डटे रह कर भूख हड़ताल का फैसला किया है। स्टेशन मास्टरों के आंदोलन को लेकर रेलवे प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन अम्बाला डिवीजन सेक्रटरी राम, हंसराज, गुरविंदर सिंह, हरीश चंद्र, सुदर्शन कुमार, संगीत, दीपक, हेमंत कुमार, संजय व मुरली मनोहर झा आदि ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर रेल मंत्रालय व प्रशासन गंभीर नहीं है। उनकी काफी पुरानी लंबित मांगों को लगातार टाला जा रहा है। इसलिए मजबूर होकर उन्होंने भूख हड़ताल आंदोलन का निर्णय लिया है। लेकिन भूख हड़ताल पर होते हुए भी वह देश हित और रेल हित में अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।

एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन (ग्रेड पे 5400) दिया जाए। देश भर में कई ऐसे स्टेशन हैं, जहां स्टेशन मास्टरों को हर रोज 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है, ऐसे ड्यूटी रोस्टर तत्काल रद्द किया जाए। स्टेशन मास्टर ट्रेनों को चलाने का काम करते हैं। इस दौरान संरक्षा व तनाव का सामना भी करना पड़ता है, उन्हें संरक्षा व तनाव भत्ता दिया जाए। स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित किए जाएं। जिन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या बहुत है, ऐसे स्टेशनों पर सहयोग के लिए एक सहकर्मी स्टेशन मास्टर की नियुक्ति की जाए। स्टेशन मास्टर जिन-जिन विभाग के कर्मियों का प्रमुख कहलाता है, स्टेशन मास्टरों का वेतनमान उनसे ज्यादा हो। जिन स्टेशनों के आसपास मेडिकल या शैक्षणिक सुविधाएं नहीं है, वहां उनके परिवारों के नजदीक शहर में आवास की व्यवस्था की जाए। स्टेशन में रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए। स्टेशन डायरेक्टर का पद अनुभवी तथा सीनियर स्टेशन मास्टरों को दिया जाए। नई पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए।

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन 

  • एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा अपग्रेडेशन ग्रेड पे 5400(लेवल-9) दिया जाए।
  • स्टेशन मास्टर को 12 घंटे ड्यूटी भी करना पड़ती है। ऐसे ड्यूटी रोस्टर को खत्म करें।
  • स्टेशन मास्टर तनाव में ड्यूटी करते हैं। उन्हें तनाव भत्ता स्वीकृत किया जाए।
  • स्टेशन मास्टर के 15 प्रतिशत पद राजपत्रित किए जाएं।
  • अत्यधिक व्यस्त स्टेशन पर हर शिफ्ट में अतिरिक्त स्टेशन मास्टर की नियुक्ति करें।
  • स्टेशन मास्टर जिन कर्मचारियों का प्रमुख होता है, उनसे वेतनमान अधिक करें।
  • स्टेशन मास्टर्स के लिए केंद्रीयकृत मुख्यालय बड़े नजदीकी शहरों में बनाएं।
  • नई पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करें।
  • आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन को रेलवे प्रशासन मान्यता प्रदान करें।

रतलाम (WR) आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (एस्मा) के आह्वान पर 11 अगस्त को देश के 35 हजार स्टेशन मास्टर के साथ रतलाम मंडल के उज्जैन जंक्शन सहित सभी स्टेशनों के मास्टर्स ने लंबित मांगों के समर्थन में उपवास कर ड्यूटी की। पिंगलेश्वर स्टेशन मास्टर शाहिद शेख ने एक दिन का रोजा रख कर मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करवाया। उज्जैन जंक्शन पर रतलाम मंडल सचिव अभिलाष नागर की अगुवाई में स्टेशन मास्टर्स ने स्टेशन प्रबंधक मुकेश जैन को डीआरएम आर एन सुनकर के नाम ज्ञापन दिया। इसी दिन 11 अगस्त 1997 को आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर 2 मिनट की रेल रोको हड़ताल स्टेशन मास्टर्स ने की थी।

बरेली (Moradabad Divison/NR)। आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर बरेली रेलवे जंक्शन के स्टेशन मास्टरों ने शनिवार को भूखे रहकर ड्यूटी की। स्टेशन मास्टर लंबे समय से आठ घंटे ड्यूटी, पुरानी पेंशन बहाली और घर के पास तैनाती की मांग कर रहे हैं लेकिन न तो रेलवे बोर्ड उनकी मांगों पर कोई ध्यान दे रहा है और न ही सरकार उनकी सुन रही है। स्टेशन मास्टरों की भूख हड़ताल के दौरान हालांकि ट्रेनों के संचालन में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई। जंक्शन पर जुनैद खान, एसके सिन्हा, मुकेश वर्मा, रविंद्र कुमार, मुकेश यादव आदि स्टेशन मास्टरों ने भूखे रहकर ट्रेनें चलवाईं। बरेली शाखा के सचिव अंकुर शर्मा ने बताया कि मांगें पूरी न हुईं तो अगले चरण में आरपार की लड़ाई होगी। स्टेशन मास्टरों का शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कोटद्वार (Moradabad Division/NR)। आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर 10 सूत्री मांगों को लेकर कोटद्वार और सनेह रोड रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टरों ने उपवास रखकर कार्य किया। उन्होंने रेलवे बोर्ड से उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की। कोटद्वार के रेलवे स्टेशन मास्टर आशीष बिष्ट ने कहा कि स्टेशन मास्टर रेलवे का अहम हिस्सा माने जाते हैं। उन्हें रेलवे का ब्रांड एंबेसडर कहा जाता है। इसके बाद भी रेलवे बोर्ड उनकी मांगों को लेकर कभी विचार नहीं करती है। रेल प्रशासन के इसी रवैये से परेशान होकर उन्होंने एक दिन का उपवास रखकर ड्यूटी देने का निर्णय किया। उन्होंने एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन देने, स्टेशन मास्टरों की ड्यूटी रोस्टर तत्काल रद्द करने, स्टेशन मास्टर को संरक्षा और तनाव भत्ता देने, स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित करने, छोटे स्टेशनों पर सहयोग के लिए एक सहकर्मी स्टेशन मास्टर की नियुक्ति करने, स्टेशन मास्टरों का वेतनमान कर्मचारियों से अधिक करने, स्टेशन मास्टर के परिवारों के नजदीक शहर में आवास की व्यवस्था करने, स्टेशन में रेस्ट रूम की व्यवस्था करने, स्टेशन डायरेक्टर का पद अनुभवी तथा सीनियर स्टेशन मास्टरों को देने, नई पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग की। इस अवसर पर सनेह रोड के स्टेशन मास्टर कमल नेगी व स्टेशन मास्टर रामाश्रय राम आदि मौजूद थे।

बारां (Kota Division/WCR)। कोटा रेल मंडल सहित देशभर के स्टेशन मास्टर लंबित मांगों को लेकर 11 अगस्त को भूख रहकर काम किया। ऑल इंडिया रेलवे स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन की बारां ब्रांच के अध्यक्ष चतुर्भुज मीना ने बताया कि शनिवार को बारां सहित देशभर के स्टेशन मास्टरों ने विभिन्न मांगो को लेकर भूखे रहकर कार्य किया। स्टेशन मास्टरों की प्रमुख वित्तीय पदोन्नति में ग्रॉस पे 5400 रुपये देने, स्टेशन मास्टरों को सेफ्टी व स्ट्रेस भत्ता देने, 15 प्रतिशत पोस्ट को ग्रुप बी में अपग्रेड करने, नई पेंशन योजना बंद कर पुरानी पेंशन योजना को वापस लागू करने, रेल्वे बोर्ड के निर्देशानुसार केंद्रीयकृत पैनल पर अतिरिक्त एसएम नियुक्त किए जाने सहित 9 मांगो को लेकर देशभर के सभी स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर रहकर कार्य किया। इस दौरान एसोसिएशन के सचिव एसके मंगलम, संगठन सचिव एसके विजय, कोषाध्यक्ष जेपी मीना, रामगोपाल मीना, जयसिंह मीना, सीएल माली, राजेश मीना रहे।

बेरमो(बोकारो) (Dhanbad Division/ECR)। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने 11 अगस्त दिन शनिवार को अपनी ग्यारह सूत्री मांगो को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर रहे, इस हड़ताल से रेल परिचालन सेवा में बाधा नहीं पहुँचायी गई। अन्य दिनो की तरह रेल परिचालन सुचारू रुप से चलता रहा और इस भूख हड़ताल में देश भर के 35 हजार स्टेशन मास्टर शामिल हुए। स्टेशन मास्टरों का मांग में एमएसीपी द्वारा मिलने वाले तीसरे प्रमोशन(ग्रेड पे 5400)दिया जाए, 12 घंटे ड्यटी के अमानवीय रोस्टर को रद्द करने, तनाव व संरक्षा भत्ता देने, स्टेशन मास्टर की संख्या के 15 प्रतिशत राजपत्रित एसएम के पद सृजित करने जैसी मांगे शामिल थे। जिन स्टेशनों में गाडी की संख्या अधिक है ऐसे पर एक सहकर्मी स्टेशन मास्टर नियुक्त किया जाए, जिन स्टेशनों  के आस-पास कोई मेडिकल व शैक्षणिक सुविधा नहीं है, ऐसे स्टेशन मास्टर के परिवारो के लिए शहर के नजदीक में  आवास की सुविधा उपलब्ध कराया जाए। स्टेशन मास्टर के लिए रेस्ट हाउस का व्यवस्था किया जाए, नई पेंशन योजना को रद्द करते हुए पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए मांगे शामिल थे। उक्त जानकारी चन्द्रपुरा ब्रांच ओर्गनाइजेशन सैक्रेटरी सह अम्लो स्टेशन मास्टर मुन्ना कुमार पंकज ने भूख हडताल के दौरान पत्रकारों को दिया। साथ ही इस मौके पर कहा कि हम सभी स्टेशन मास्टर कार्य पर तैनात रहकर एक दिवसीय भूख हडताल अपनी मांगो को लेकर किये है और हमारी मांगे जायज है।

आसनसोल (NFR)। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के बैनर तले देश भर के रेलवे स्टेशन मास्टरों के साथ ही आसनसोल रेल मंडल के साढ़े पांच सौ स्टेशन मास्टर भी शुक्रवार की आधी रात से भूख हड़ताल पर चले गये है। स्टेशन मास्टरों की भूख हड़ताल के बावजूद रेल परिचालन में कहीं कोई बाधा की सूचना नहीं है।भूख हड़ताल पर होने के बावजूद स्टेशन मास्टर सामान्य ढंग से ड्यूटी का कार्य कर रहे है। भूख हड़ताल में शामिल सभी स्टेशन मास्टर मांग पत्र से संबंधित बैच लगाये है। जगह- जगह स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल के समर्थन में विरोध सभा की। इस संबंध में आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष संजीव राय और सचिव आरके वर्मा ने कहा कि उनकी मांग है कि एमएसीपी नियम के अनुसार उनलोगों को लेवल आठ व नौ आवंटित किया जाए। रेलवे में स्टेशन मास्टरों के लिए ईएल वर्गीकरण को हटाया जाए। स्टेशन मास्टर के 15 प्रतिशत पद को ग्रुप बी में शामिल किया जाए ताकि पदोन्नति का बेहतर मौका मिल सके। जिन स्टेशनों से होकर ट्रेनों का आवागमन अधिक है वहां द्वितीय स्टेशन मास्टर की नियुक्ति की जाए। विभिन्न स्टेशनों पर तैनात स्टेशन मास्टरों के लिए केंद्रीय रूप से रहने की व्यवस्था की जाए क्योंकि छोटे स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है। नई पेंशन स्कीम को रद किया जाए। आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन को मान्यता दी जाए। स्टेशन मास्टर के लिए रेस्ट रूम की व्यवस्था हो। श्री वर्मा ने कहा कि कुल 12 मांगें है। अगर उनकी मांगों को तत्काल पूरा नहीं किया जाता तो वह लोग व्यापक हड़ताल पर जाएंगे।

पाकुड़ (Howrah Division/ER)। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर पाकुड़ सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टर अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में शनिवार को भूख हड़ताल पर रहें। रेलवे स्टेशन के पीआइ केबिन में जमा होकर स्टेशन मास्टरों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। भूख हड़ताल पर रहते हुए अपने-अपने कार्यो का निष्पादन किया। एस्मा पाकुड़ शाखा के प्रधान पीके साह ने कहा कि हम अपनी जायजा मांगों को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल पर हैं। देशभर तकरीबन 40 हजार स्टेशन मास्टर आज भूख हड़ताल पर हैं। शाखा सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार स्टेशन मास्टर व रेल कर्मचारियों को बार-बार झूठा आश्वासन देकर गुमराह करने का काम कर रही है। हमारी जायज मांगें जबतक पूरी नहीं होंगी तब तक स्टेशन मास्टरों का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

इस आंदोलन के प्रथम चरण में स्टेशन मास्टरों ने काली पट्टी बांधी और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगों को नहीं माना जाता है तो वह राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे, साथ ही रेल का चक्का जाम करेंगे। उनकी मांगों में प्रमुख रूप से एमएसीपी है।  वे लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।  उनका कहना है कि ड्यूटी में इस मामले में पूरे सर्विस पीरियड में तीन प्रमोशन मिलना चाहिए, जबकि केंद्र सरकार दो ही प्रमोशन दे रही है।

कोडरमा (Dhanbad Division/ECR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एशोसिएशन के राष्ट्रव्यापी भूख हड़ताल के समर्थन में आज कोडरमा में भी स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल पर रह अपनी मांगों को बुलंद किया. हालांकि भूख हड़ताल के दौरान भी स्टेशन मास्टर अपनी ड्यूटी करते रहे और ट्रेनों को परिचालन सामान्य रूप से होता रहा. सरकार तक अपनी मांगों को पहुंचाने के लिए आज देश भर के स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर रह कर अपनी-अपनी ड्यूटी करते रहे.कोडरमा,गझंडी और परसाबाद के स्टेशन मास्टर कोडरमा में एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार के सामने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को रखा. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन धनबाद रेल मंडल के अध्यक्ष शंभु शंकर ने बताया कि अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर देश भर के 68 मंडलों के स्टेशन मास्टर आज भूख हड़ताल पर हैं. हड़ताल के बावजूद हम लोग अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और विरोध जताकर अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि हमारी मांगें नहीं माने जाने पर हम लोग 27-28 नवंबर को दिल्ली में महा धरना के माध्यम से अपनी मांगे रेल मंत्री और प्रधान मंत्री तक पहुंचाने का काम करेंगे. वहीं भूख हड़ताल के दौरान भी ड्यटी पर तैनात स्टेशन मास्टर प्रियंका कुमारी ने कहा कि भूखे रह कर काम करने में कष्ट तो बहुत हो रहा है पर सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए हम सब करने को तैयार हैं.

पठानकोट (Firozpur Divison/NR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने देश भर में शनिवार को 24 घंटे की भूख हड़ताल रखी। पठानकोट सिटी और कैंट स्टेशन पर तीन शिफ्टों में काम करने वाले सभी 6 स्टेशन मास्टरों ने ड्यूटी तो दी पर भूखे रहकर। एसमा (ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन) ने 1 दिन पहले ही सभी स्टेशन मास्टरों को बता दिया था कि हड़ताल के दौरान भी ड्यूटी पूरी तरह सजग होकर करें, ताकि रोजाना ट्रेन के माध्यम से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को कोई दिक्कत पेश न आए। जानकारी के मुताबिक, 24 घंटे के लिए रेलवे के सभी 68 डिवीजनों के 39500 स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर हैं। सभी ने अपने बैच की जगह ‘वन डे हंगर स्ट्राइक’ लिखी पट्टियां लगाकर ड्यूटी दी। पठानकोट कैंट स्टेशन के एसएस अश्विनी शर्मा ने बताया कि देश भर के स्टेशन मास्टर अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर आज भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि लंबे वक्त से स्टेशन मास्टर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। मांगों में सबसे अहम ग्रेच्यूटी फंड 4200 के करीब पहुंचने पर उन्हें तीसरी पदोन्नति दी जाए, स्टेशन मास्टरों के काम करने के घंटों को निर्धारित किया जाए, स्टेशन मास्टरों को सुरक्षा और तनाव भत्ते दिए जाएं, स्टेशन मास्टरों की 15 फीसदी पदों को ग्रुप बी में पदोन्नत किया जाए, एक्सीडेंट फ्री अवार्ड वाली स्कीम में स्टेशन मास्टरों को भी लाया जाए, व्यस्त स्टेशनों पर दो असिस्टेंट स्टेशन मास्टर तैनात किए जाएं, नाइड ड्यूटी भत्ते को रिवाइज किया जाए, स्टेशन मास्टरों के लिए विश्राम गृह बनाए जाने की मांग शामिल है।

फैजाबाद (Lucknow Charbagh/NR): आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को 24 घंटे भूखे रहकर जनपद के सभी स्टेशन मास्टरों ने कार्य किया। संगठन के फैजाबाद शाखा के अध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि उनकी 11 सूत्री मांगें रेल प्रशासन के समक्ष लंबित है। इनमें एमएसीपी के तहत मिलने वाला तीसरा प्रमोशन ग्रेड 5400 रुपये, 12 घंटे का रोस्टर समाप्त करना, स्टेशन मास्टरों को संरक्षा व तनाव भत्ते का वितरण, 15 फीसदी पदों को राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित करना, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि शनिवार की हड़ताल पूर्णतया सफल रही।फैजाबाद शाखा के मंत्री एमएन मिश्र ने बताया कि मांगों को लेकर उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। अयोध्या रेलवे स्टेशन पर शाखा अध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में स्टेशन अधीक्षक राममूरत, यातायात निरीक्षक दिवाकर उपाध्याय, विनोद कुमार, विजय चौबे, मोहनीश पाठक, अवनीश कुमार, रत्नेश कुमार, गिरीश कुमार, बृजेश चौरसिया आदि ने भूख हड़ताल कर विरोध जताया।

पूर्णिया (Katihar Divison/NFR): रेल मंत्रालय की अनदेखी पर ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे सहित देश भर के 35 हजार स्टेशन मास्टर शनिवार को भूखे ड्यूटी पर रहे। रेल मंत्रालय की अनदेखी को लेकर गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन करके अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया। यद्यपि संरक्षा व परिचालन जैसे अहम कार्यों से जुड़े ये कर्मचारी ट्रेन संचालन में किसी तरह का व्यवधान नहीं हुआ। आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर स्टेशन मास्टर शनिवार को भूख हड़ताल पर होने के बावजूद ट्रेनों के संचालन की जिम्मेदारी संभाले रहे। स्टेशन मास्टर रेलवे का अहम हिस्सा होने के साथ ही ब्रांड एम्बेसडर कहे जाते हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों को मंत्रालय लगातार अनदेखी कर रहा है। पूर्णिया जंक्शन के स्टेशन मास्टर ने अपने कार्यलय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना दिया। स्टेशन मास्टरों की प्रमुख मांगें एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन ग्रेड पे 5400 दिया जाए। कई स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों को रोजाना 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है जिसे आठ घंटे किया जाए। स्टेशन मास्टरों को संरक्षा व तनाव भत्ता दिया जाए। स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित किए जाएं। जिन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या बहुत है ऐसे स्टेशनों पर सहयोग के लिए एक सहकर्मी स्टेशन मास्टर की नियुक्ति की जाय। इस धरना प्रदर्शन में संजय कुमार, मुन्ना कुमार, अजय कुमार, विकास कुमार विक्की, जितेंद्र तिवारी, मु. मसूद अली अंसारी, ज्योति कुमार साह, जितेंद्र मिश्र, संजीव कुमार, रितेश कुमार, रंजन कुमार, गौरव कुमार, रविरंजन कुमार, अशोक कुमार आदि कर्मी शमिल थे।

मेदिनीनगर (Dhanbad Division/ECR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन की केंद्रीय कार्य परिषद के निर्देश के आलोक में स्थानीय रेलवे स्टेशन के सभी ऑन डयूटी व ऑफ डयूटी स्टेशन मास्टर शनिवार को भूख हड़ताल पर रहे। इसमें गढ़वा रोड से मंगरा स्टेशनों के बीच सभी स्टेशन मास्टर भी शामिल थे। स्टेशन प्रबंधक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि देश भर में शुक्रवार के रात 12 बजे से शनिवार के रात 12 बजे तक हंगर पास्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें ट्रेन ऑपरेशन या अन्य कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई।

हड़ताल के बाद भी संरक्षित ढंग से ट्रेन परिचालन सुनिश्चित कराया गया। इस क्रम में यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हो इसका ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर पूरा ख्याल रख रहे थे। भूख हड़ताल में शामिल स्टेशन मास्टर में संजीव कुमार ¨सह,मनीष केरकेटा, मोनामी ¨सह, अर्पिता आदित्य, बी लकड़ा, अनिल कुमार तिवारी, केदार चौधरी, राजीव कुमार, जेआर तिग्गा, प्रमोद कुमार, अजय कुमार एक्का, अतनु विश्वास, एसपी पांडेय, इंद्रजीत राम, ओम प्रकाश, नंदन तिवारी, मिथिलेश कुमार यादव, सतीश कुमार, संतोष कुमार, सुमन बैठा, बृजमोहन, केडी दास, मुकेश कुमार, उदय प्रसाद गुप्ता, एलबी उरांव, उज्जवल तिर्की, शशांक शेखर, सोनु कुमार, परितोष के नाम शामिल है। एसोसिएशन की मांगों में तीसरा एमएसीपी को 5400 करने व सेफ्टी एवं स्ट्रेस एलाउंस मुख्य है। ट्रेन की चपेट में आने से एक गंभीर मेदिनीनगर : ट्रेन की चपेट में आने से शनिवार को एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती क कराया गया है। यहां चिकित्सक उसका इलाज कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बरवाडीह के खुरा गांव निवासी रामानंद ¨सह के 28 वर्षीय पुत्र विनोद ¨सह मेदिनीनगर आने के लिए बरवाडीह स्टेशन पर डीजीआर ट्रेन पर चढ़ रहे थो। इसी बीच उनका पैर फिसल गया और वे पटरी पर गिर गए। नतीजतन ट्रेन से उसका दोनों पैर कट गया। लोगों के सहयोग से अफरा-तफरी में उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

रोहतास (Mughalsarai Divison/ECR): 12 सूत्री मांग को ले जिले से ताल्लुक रखने वाले रेलवे स्टेशन मास्टर शनिवार को भूख हड़ताल पर रहे। रेल कर्मियों का यह विरोध ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत किया। बहरहाल रेल कर्मियों ने बिना खाए-पीए कार्य किया। भूख हड़ताल पर रह काम करने वालों में सासाराम के अलावा करवंदिया, पहलेजा, डेहरी, कुम्हऊ, शिवसागर, खुर्माबाद, नोखा, संझौली, बिक्रमगंज से जुड़े स्टेशनमास्टर शामिल रहे। डीडीयू रेल डिवीजन मुगलसराय के शाखा सचिव अर¨वद कुमार, कार्यालय प्रभारी शमशेर बहादुर ¨सह, स्टेशन प्रबंधक उमेश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि स्टेशन मास्टर जिस जोखिम भरे को काम करते हैं, उसके अनुरूप न तो वेतन मिलता है न अन्य सुविधाएं। सरकार इन कर्मियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करती है। सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए वे आज भूख हड़ताल पर रह काम किए। इस दौरान काला बिल्ला लगा अपना विरोध भी जताया। साथ ही मांग से वरीय अधिकारी को भी अवगत कराया गया।

पीलीभीत (Izzatnagar Divison/NFR): आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टरों ने सांकेतिक रूप से हड़ताल रखकर मांगों को पूरा किए जाने की पुरजोर मांग की। मांग पूरी न होने पर आगे की रणनीति के अनुरूप विरोध दर्ज कराया जाएगा। आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने सांकेतिक रूप से हड़ताल करने का ऐलान किया था। एसोसिएशन के आह्वान पर स्टेशन मास्टर्स ने काम करते हुए सांकेतिक रूप से हड़ताल रखी। रेलगाड़ियों के संचालन पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। स्टेशन मास्टर्स का कहना था कि 5400 ग्रेड पे दिए जाने की मांग काफी समय से की जा रही है, जिसे पूरा नहीं किया जा रहा है। इसी की वजह से सांकेतिक रूप से हड़ताल की जा रही है। रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर विश्रामदाता गृह का निर्माण किया जाना चाहिए। अगर किसी स्टेशन मास्टर की ड्यूटी बदलती है। ऐसी दशा में स्टेशन मास्टर कहां पर विश्राम करेगा। स्टेशन मास्टरों ने सांकेतिक हड़ताल करते हुए रेल संचालन जारी रखा। सांकेतिक हड़ताल में प्रियवृत कुमार चतुर्वेदी, मुकेश सक्सेना, मंटू यादव, संतोष कुमार शामिल रहे।

मंडी धनौरा (Moradabad Division/NR): वेतन विसंगति आदि मांगों के निराकरण की मांग को लेकर स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर रहे। हालांकि एसएम ने अपने कर्तव्यों को अंजाम दिया मगर भूखे रहकर विरोध जताया। शनिवार को पूरे देश में स्टेशन मास्टर वेतन विसंगति आदि मांगों के निराकरण को लेकर भूख हड़ताल पर रहे। यहां स्टेशन मास्टर भी भूख हड़ताल पर रहे। इस दौरान एसएम ने अपनी ड्यूटी निभाई मगर भूखे रहकर मांगों को लेकर विरोध जताया। इस मौके पर एसएम केएल कश्यप ने बताया वेतन विसंगतियों के निराकरण की मांग को लेकर देश भर के पैतीस हजार एसएम आज हड़ताल पर रहे। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को लेकर पदाधिकारियों के निर्देश पर रणनीति तैयार की जाएगी।

बस्ती (Lucknow Division/NER) आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल शुरू कर दिया। इस दौरान विरोध स्वरूप काला फीता बांध कर आंदोलनकारी स्टेशन मास्टरों ने ट्रेनों का संचालन जारी रखा।  जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशन पर हितेश पांडेय, संतोष शर्मा ने बताया कि ड्यूटी के समय आठ घंटे करने, ग्रेड-पे संशोधित करने, सेफ्टी अथवा स्ट्रेस एलाउंस देने, स्टेशन मास्टर संवर्ग को राजपत्रित पद बनाने, एक्सीडेंट फ्री अवार्ड देने, पुरानी पेंशन दिए जाने, रिक्त पदों पर भर्ती करने, सेंट्रलाइज्ड पैनलों पर दो स्टेशन मास्टरों की तैनाती करने सहित 11 सूत्री मांगें लंबे समय से की जा रही हैं, जिस पर रेलवे प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।  गौर प्रतिनिधि के अनुसार एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी प्रभाकर पांडेय ने बताया कि रेल प्रशासन स्टेशन मास्टरों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज कर रहा है। इसके चलते देश के लगभग 35 हजार स्टेशन मास्टर अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे हैं। साथ ही रेल संचालन का काम भी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्हें जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रही हैं। गौर रेलवे स्टेशन मास्टर अवनींद्र मणि त्रिपाठी, मंगल सिंह मीणा, निरंजन प्रसाद यादव व स्टेशन अधीक्षक बभनान राघवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि वह लोग एसोसिएशन के दिशानिर्देश पर अपनी मांगों के समथन में आंदोलन कर रहे हैं। शिफ्ट वाइज ड्यूटी कर ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से करते रहेंगे।

नजीबाबाद (Moradabad Division/NR): वेतन विसंगतियों को लेकर स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताली स्टेशन मास्टरों ने रेल मंत्रालय और सरकार पर सातवें वेतन आयोग में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर भारतीय रेलवे के स्टेशन मास्टरों ने अपनी लंबित मांगों के संबंध में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी। नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर एसएस आरके मीणा, लक्सर शाखा के अध्यक्ष संदीप कुमार, शाखा सचिव आशीष शर्मा के नेतृत्व में नजीबाबाद स्टेशन सहित लक्सर ब्रांच के स्टेशन मास्टरों ने हड़ताल की। एसएस आरके मीणा ने कहा कि सातवें वेतन आयोग में किए गए भेदभाव के कारण स्टेशन मास्टरों की प्रोन्नति की संभावना खत्म हो गई है। जिससे उनका करियर संकट में है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने तीसरे मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम के लाभ की मांग की है। उन्होंने कहा कि 4800 रुपये का पे स्केल सिर्फ फाइनेंशियल अपग्रेडेशन है जो स्टेशन मास्टरों को स्वीकार नहीं है। एसोसिएशन की ओर से चेतावनी दी गई कि अगर भविष्य में उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आगे प्रशासन को गंभीर परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। नजीबाबाद से स्टेशन अधीक्षक आरके मीणा, डिप्टी एसएस संदीप कुमार, अरविंद कुमार सिंह, अविनाश गुप्ता, स्टेशन मास्टर तरुण शर्मा आदि हड़ताल पर रहे।

इटावा (Allahabad Division/NCR): रेल मंत्रालय की अनदेखी पर विरोध जताते हुए स्टेशन अधीक्षक व सहायक स्टेशन मास्टर ने शनिवार को गांधीवादी तरीके से विरोध प्रकट किया। इन अधिकारियों ने बगैर कुछ खाए पिए अपनी ड्यूटी की। स्टेशन अधीक्षक पीएम मीना ने बताया कि आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे सहित देश भर के स्टेशन मास्टर भूखे रहकर ड्यूटी की है। एसोसिएशन का विरोध का मकसद उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराना है। हालांकि संरक्षा व परिचालन जैसे अहम कार्यों में कोई व्यवधान नहीं किया गया। उन्होंनेे बताया कि एसोसिएशन के मंडल मंत्री अनूप कुमार के आह्वान पर देश भर के स्टेशन मास्टर शनिवार को भूख हड़ताल पर रहे। अनूप कुमार के अनुसार, स्टेशन मास्टर रेलवे का अहम हिस्सा होने के साथ ही ब्रांड एम्बेसडर कहे जाते हैं। इसके बावजूद मंत्रालय लगातार अनदेखी कर रहा है। स्टेशन मास्टरों की प्रमुख मांगें- एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन (ग्रेड पे 5400) दिया जाए। कई स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों को रोजाना 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। जिसे आठ घंटे किया जाए। स्टेशन मास्टरों को संरक्षा व तनाव भत्ता दिया जाए। स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित किए जाएं। जिन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या बहुत है, ऐसे स्टेशनों पर सहयोग के लिए एक सहकर्मी स्टेशन मास्टर की नियुक्ति की जाए। अन्य मांगों में जिन स्टेशनों के आसपास मेडिकल या शैक्षणिक सुविधाएं नहीं है, वहां स्टेशन मास्टर के परिवारों के नजदीक शहर में आवास की व्यवस्था की जाए। स्टेशन में रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए। स्टेशन डायरेक्टर का पद अनुभवी तथा सीनियर स्टेशन मास्टरों को दिया जाए। नई पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए।

बलिया (Varanasi Division/NER): आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को बलिया स्टेशन व आसपास के स्टेशन मास्टर्स ने 11 सूत्री मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल किया। भूख हड़ताल 24 घंटे के लिये शुरू किया गया। एआईएसएमए के मंडल अध्यक्ष जितेंद्र नाथ पाठक की अगुवाई में संजय सिंह स्टेशन अधीक्षक बलिया, राजू राय शाखा मंत्री, मनोज कुमार तिवारी उपाध्यक्ष बलिया शाखा, सुनील कुमार , संतोष कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार सिंह, देवभूषण साहनी, अजय प्रसाद यादव, शशिकांत प्रसाद, संजय राय , सुशील श्रीवास्तव , संजीव यादव और देवाशीष राय ने काली पट्टी बांधकर भूख हड़ताल करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। मंडल अध्यक्ष श्री पाठक ने कहा कि बहुत दिनों से लंबित हमारी मांगो को जब रेल प्रशासन लगातार अनसुना कर रहा था ,तो थक हार कर केंद्रीय नेतृत्व ने 11 अगस्त को भूखे रहकर कार्य कर अपना विरोध प्रदर्शन करने का जो निर्णय लिया था, उसी क्रम में आज यह भूख हड़ताल की गयी है। श्री पाठक ने कहा कि पूरे देश में कर्मचारियों के लिये आठ घंटे का रोस्टर है जबकि हम लोगों से 12 घंटे के रोस्टर से कार्य लिया जाता है। हमारी भी ड्यूटी आठ घंटे के रोस्टर में लगाई जाए। स्टेशन पर गाड़ियों के संचालन में असुरक्षित वातावरण में भी हम लोगों को ड्यूटी करनी पड़ती है ,यात्रियों के साथ सामंजस्य बैठाने में मानसिक तनाव झेलना पड़ता है, इसके बावजूद हम लोगों की संरक्षा पर रेल प्रशासन का थोड़ा भी ध्यान नहीं है, जबकि ड्यूटी के दौरान हम लोगों के साथ कोई भी घटना घट सकती है। हमारी मांग है कि हम लोगों को सेफ्टी/स्ट्रेस भत्ता दिया जाए। इतनी कठिन ड्यूटी होने के बावजूद हम लोगों को अभी तक 4800 पे ग्रेड ही मिल रहा है, इसको तत्काल 5400 पे ग्रेड किया जाए। व्यस्त स्टेशन पर कम से कम दो स्टेशन मास्टर की नियुक्ति की जाय, स्टेशन मास्टरों के रिक्त पदों को तत्काल भरते हुए ऐसे सभी स्टेशन मास्टरों को जिनके यहां एक्सीडेंट नहीं हुआ है, एक्सीडेंट फ्री अवार्ड दिया जाए, पक्षपात को रोका जाए। अगर भूख हड़ताल के बाद भी रेल प्रशासन हमारी मांगे नही मानता है तो आगामी 27, 28 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में हड़ताल का भी निर्णय लिया जा सकता है।

आजमगढ़ (Varanasi Division/NER): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को भारतीय रेलवे के 35 हजार स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर रहकर ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन कराने की जिम्मेदारी संभाली। इसके तहत आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी स्टेशन मास्टर 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भूखे रह ट्रेन का परिचालन कराएं। इस दौरान स्टेशन मास्टरों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन का रुख अपनाने की चेतावनी दी। आजमगढ़ मंडल के व्यवस्थापक बृजेंद्र ¨सह ने कहा कि स्टेशन मास्टर रेलवे का अहम हिस्सा माने जाते हैं। उन्हें रेलवे का ब्रांड एंबेसडर कहा जाता है। रेल यातायात में व सभी कामों में वे विभिन्न विभागों के केंद्र ¨बदु होते हैं। बावजूद इसके पिछले कई सालों से हमारी मांगों को उपेक्षित किया गया है। रेल प्रशासन के इसी रवैए से परेशान होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी प्रमुख मांगे एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन (ग्रेड पे 5400) दिया जाए, ड्यूटी रोस्टर में बदलाव, 15 प्रतिशत पद राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित की जाए। स्टेशनों पर सहयोग के लिए एक सहकर्मी की नियुक्ति की जाए। तैनाती स्थल के समीप आवास की व्यवस्था की जाए। स्टेशन में रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए। स्टेशन डायरेक्टर का पद अनुभवी तथा सीनियर स्टेशन मास्टरों को दिया जाए व नई पेंशन योजना रद कर पुरानी व्यवस्था बहाल किए जाने सहित विभिन्न मांगे शामिल हैं। भूख हड़ताल करने वालों में स्टेशन मास्टर बृजेंद्र ¨सह व निकेश कुमार कुमार सहित आदि लोग उपस्थित थे।

बख्शा (Lucknow Charbagh Division/NR): आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को सिटी स्टेशन सहित बक्शा, सरायहारखू रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर रह ट्रेनों का संचालन करते रहे। बख्शा स्टेशन मास्टर मनोज कुमार, स्टेशन मास्टर अरुण कुमार, सरायहारखू स्टेशन मास्टर एसबी सिंह, सिटी स्टेशन से अनिल कुमार उपाध्याय व श्लोक कुमार ने बताया कि संघ के जनरल सेक्रेटरी आरके उन्नीकृष्णन के आह्वान पर यह भूख हड़ताल किया गया है। यह हड़ताल इस लिए किया गया है कि किसी भी प्रकार की विफलता अथवा मानवीय भूल होने पर जिम्मेदार स्टेशन मास्टर को बनाया जाता है। जबकि किसी कार्य की सफलता किसी और को दी जाती है। एक दिवसीय भूख हड़ताल के बाद संघ अगली रणनीति तय करेगा, जिसके कारण भूखे रहकर दिनभर ट्रेनों के संचालन किया गया।

अररिया (Katihar Division/NFR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को फारबिसगंज रेलवे स्टेशन पर रेल कर्मियों ने 24 घंटे का सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठ कर विरोध जताया। भूख हड़ताल पर बैठे स्टेशन प्रबंधक हेमंत कुमार झा ने बताया कि सात सूत्री मांगों को लेकर देश के सभी रेलवे स्टेशन पर अपनी ड्यूटी को पूरा करते हुए 24 घंटे का सांकेतिक भूख हड़ताल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके संगठन के सात सूत्री मांगों में जिसमे तीसरा एमएनसीपी को लेबल 9 तक ग्रेड पे 5400 सौ रुपया अपग्रेड करने, स्टेशन मास्टरों को संख्या भत्ता एवं तनाव भत्ता भुगतान करने, ईआइ कलाफिकेशन 12 घंटे की ड्यूटी को समाप्त करने, पीसी लेबल 7वां ग्रेड पे 46 सौ तक करने, स्टेशन मास्टर को लेबल 8 और 9 स्टेशन दिए जाने, स्टेशन मास्टर के लिए केंद्रीय कृत ठहराव की व्यवस्था एवं रिले¨भग स्टेशन मास्टर के ठहरने के लिए समुचित व्यवस्था की मांग शामिल है। स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि सांकेतिक भूख हड़ताल के दौरान सभी स्टेशन मास्टर अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे है। ताकि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं हो। इस मौके पर स्टेशन मास्टर नवीन कुमार, नरेंद्र कुमार ठाकुर, मृत्युंजय कुमार पासवान, बथनाहा एसएम रवींद्र कुमार, विनय कुमार, आदित्य कुमार, सुमीत कुमार, सिमराहा एसएम रणवीर कलाधर, लवलेश कुमार लव, र¨वद शर्मा, आभास नारायण खां सहित अन्य मौजूद थे।

हड़ताल के बारे में स्टेशन मास्टर का कहना है कि उनकी ये हड़ताल पूरी तरह गांधीवादी है, जिसमें शनिवार को देश के अलग-अलग स्टेशन पर स्टेशन मास्टर हड़ताल पर बैठे हैं। साथ ही उनके मुताबिक इससे ट्रेनों के परिचालन में भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आई, क्योंकि ड्यूटी टाईम में उनका प्रदर्शन बंद रहा। स्टेशन मास्टर का ये एक दिनी उपवास 10 सूत्रीय मांगों को लेकर किया गया। रेलवे मास्टरों की मांग है कि छोटे-बड़े स्टेशनों पर टायलेट का निर्माण कराया जाए, ताकि महिला सहकर्मियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही उनका कहना है कि काम का दबाव कम करने के लिए एक अतिरिक्ति मास्टर की भी पोस्टिंग की जाए।

चूरू  (Bikaner Division/NWR): आल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर चूरू रेलवे स्टेशन पर कार्यरत स्टेशन मास्टर शनिवार को भूख हड़ताल रहे तथा ड्यूटी की। भूख हड़ताल पर रहने वालों में स्टेशन मास्टर निसार अहमद, मूलचंद सैन, अमरसिंह, अनिल कुमारशर्मा, आमीन खान, बलवीरसिंह चाहर, कुरड़ाराम, भंवरलाल व अशोक कुमार आदि शामिल थे। स्टेशन मास्टर की 10 सूत्री मांगों में ड्यूटी टाइम कम करने, रेस्ट रूम बनाने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने आदि शामिल है।

कोरबा (Bilaspur Division/SECR): रेलखंड कोरबा में शनिवार को अपनी मांगों को लेकर स्टेशन मास्टर 24 घंटे भूख हड़ताल पर रहे। रेलवे स्टेशन कोरबा में प्रदर्शन करने वाले स्टेशन मास्टरों में ऑफ ड्यूटी व ऑन ड्यूटी वाले शामिल रहे। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर हुई हड़ताल में रेलखंड के 50 से अधिक पोस्ट मास्टर शामिल रहे। प्रदर्शन करने वालों ने रेलवे सेवा बाधित किए बगैर मांगों को लेकर सरकार को विरोध करने का संदेश दिया। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के कोरबा ब्रांच सेक्रेटरी आरके गुप्ता, स्टेशन मास्टर कोरबा केके तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि सात सूत्रीय मांगों को लेकर 24 घंटे के भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के दौरान रेलवे की सेवा जारी रखे हैं। जो ड्यूटी पर हैं वे भी भूखे रहकर आंदोलन को समर्थन कर रहे हैं। बताया स्टेशन मास्टर लंबे समय से अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। स्टेशन मास्टरों ने सरकार से 7 सूत्रीय मांग रखी हैं। जिसमें ग्रेच्युटी फंड 4200 के करीब पहुंचने पर उन्हें तीसरी पदोन्नति दी जाए। स्टेशन मास्टरों के काम करने के घंटों को निर्धारित किया जाना चाहिए। स्टेशन मास्टरों को संरक्षा व तनाव भत्ता देने के साथ-साथ उनके काम करने के घंटों को निर्धारित करने को लेकर प्रदर्शन किए। स्टेशन मास्टरों ने अपने लिए संरक्षा व तनाव भत्ते की मांग की है। इसके साथ ही 15 फीसदी पदों को ग्रुप बी में पदोन्नत करने की मांग है। व्यस्त स्टेशनों पर दो असिस्टेंट स्टेशन मास्टर तैनात करने की बात भी कही गई है। नाइट ड्यूटी भत्ते को रिवाइज करने और स्टेशन मास्टरों के लिए विश्राम गृह बनाए जाने की मांग शामिल है। पदोन्नति की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन कोरबा में असिस्टेंट लोको पायलट सुबह से आंदोलन की तैयारी में जुटे रहे। इस दौरान उन्हें मनाने के लिए बिलासपुर डिवीजन से डीपीसी शनिवार को यहां पहुंचे। उन्होंने रनिंग स्टाफ को उनकी मांगों को लेकर जानकारी देते हुए बोर्ड को भेजे जाने की बात कही। इसके बाद भी दोपहर 2 बजे तक रनिंग स्टाफ प्लेटफार्म नंबर 1 पर डटा रहा। जानकारी मिली है कि बोर्ड के निर्णय के लिए 3 माह तक का समय देने पर राजी हो गए हैं।

खड़गपुर (Kharagpur Division/SER): भारतीय रेल के 35 हजार स्टेशन मास्टरों के साथ ही दक्षिण पूर्व रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर कार्यरत स्टेशन मास्टरों ने भी शनिवार को भूख हड़ताल पर रहते हुए ड्यूटी की। इस दौरान संगठन की ओर से उठाई गई मांगों का पुरजोर समर्थन किया गया। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन की दक्षिण पूर्व रेलवे शाखा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप कुमार ने बताया कि इस बाबत हमने पहले ही घोषणा कर दी थी, क्योंकि रेलवे का महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद प्रशासन हमारी मांगों को अक्सर अनसुना करता आया है। इसीलिए हमने तय किया कि 11 अगस्त को मांगों के समर्थन में सभी स्टेशन मास्टर अनशन करेंगे। यह ऑन ड्यूटी और ऑफ ड्यूटी दोनों स्तर पर की गई। जिसे सभी का भरपूर समर्थन मिला। हमारी मांगों में रिक्त पदों पर अविलंब बहाली, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, 12 ड्यूटी कार्य लेने पर रोक, स्टेशन मास्टरों के स्ट्रेस और सुरक्षा का ख्याल रखना तथा ग्रेड पे बढ़ाना जैसी मांगें शामिल हैं। इसके समर्थन में हम अरसे से आंदोलन करते आ रहे हैं, क्योंकि स्टेशन मास्टर रेलवे का वह वर्ग है जो विषम परिस्थितियों में भी पूरे मनोयोग और तत्परता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता आया है।

चाकुलिया (Kharagpur Division/SER): अॉल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को देशभर के लगभग 35 हजार स्टेशन मास्टर अपने विभिन्न मांगों के समर्थन में 24 घंटे भूखे रह कर ड्यूटी की। स्टेशन मास्टरों की प्रमुख मंगों में 5400 ग्रेड एमएसीपी, ईआई रोस्टर समाप्त करना, व्यस्त स्टेशनों पर प्रत्येक शिफ्ट में दो स्टेशन मास्टर की नियुक्ति, स्टेशन मास्टर के सभी रिक्त पदों को भरना, सेफ्टी/स्ट्रेस अलाउंस आदि शामिल है। इस अवसर पर खड़गपुर मंडल के सभी स्टेशन मास्टर एवं स्टेशन प्रबन्धक भूख हड़ताल में शामिल रहे। खड़गपुर – टाटा ब्रांच से श्रीकांत मिश्रा,धर्मेद्र कुमार,राम सुरत प्रभात, रवि कुमार ,बंधु उरांव,डी त्रिनाथ, के पाढी, अजय कुमार, सरोज कुमार सहित सभी स्टेशनों के स्टेशन मास्टर शामिल रहे।

गया सदर (Mughalsarai Division/NR): 11 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को एएसएम ने उपवास रहकर काम किया। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर उपवास रहकर विरोध जताने में अन्य स्टेशनों के एएसएम भी शामिल हुए। एसएम को तीसरा प्रमोशन व वेतन देने, नई की जगह पुरानी पेंशन को चालू करने, राजपत्रित कर्मी के रुप में 15 फीसदी पद रिजर्व करने की मांगें हैं। पतरातू ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर 11 अगस्त को लंबित मांगों के समर्थन में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की गई। इस हड़ताल में देश भर के स्टेशन मास्टर्स शामिल हुए हैं। एसोसिएशन के द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में 11 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर आंदोलन करने की बात कही गई थी। इस संबंध में पतरातू रेलवे स्टेशन के सीवाईएम एसके सांगा और केके प्रसाद ने बताया कि 11 अगस्त को पतरातू के सभी एसएम भूख हड़ताल पर रहते हुए अपनी ड्यूटी की। मौके पर ए राम, रजनी कुमारी, के राम, टी प्रसाद, नीरज कुमार, एसएस पासवान, बीके रजक, आस्तिक मुखर्जी, एसके हंसदा, जावेद अख्तर शामिल थे।

पतरातू (Dhanbad Division/ECR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर 11 अगस्त को लंबित मांगों के समर्थन में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की गई। इस हड़ताल में देश भर के स्टेशन मास्टर्स शामिल हुए हैं। एसोसिएशन के द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में 11 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर आंदोलन करने की बात कही गई थी। इस संबंध में पतरातू रेलवे स्टेशन के सीवाईएम एसके सांगा और केके प्रसाद ने बताया कि 11 अगस्त को पतरातू के सभी एसएम भूख हड़ताल पर रहते हुए अपनी ड्यूटी की। मौके पर ए राम, रजनी कुमारी, के राम, टी प्रसाद, नीरज कुमार, एसएस पासवान, बीके रजक, आस्तिक मुखर्जी, एसके हंसदा, जावेद अख्तर शामिल थे।

बयाना (Kota Division/Rajasthan):ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के देशव्यापी आव्हान के तहत शनिवार को स्थानीय रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। मांगों को पूरा नहीं किए जाने से नाराज स्टेशन मास्टरों ने लगातार 24 घंटे तक भूखे रहकर अपनी डयूटी को अंजाम दिया। इस आंदोलन को एसोसिएशन की ओर से हंगर फास्ट नाम दिया गया। स्टेशन अधीक्षक जेपी शर्मा ने बताया कि भरतपुर ब्रांच के अध्यक्ष फतेहसिंह मीणा के नेतृत्व में स्टेशन मास्टरों ने एसोसिएशन की ओर से लगातार की जा रही मांगों एमएसीटी में 5400 ग्रेड पे करने, 12 घंटे का रोस्टर खत्म करने आदि के प्रति सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। इससे स्टेशन मास्टरों में रोष व्याप्त है। इसे लेकर शुक्रवार रात के 12 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक स्टेशन मास्टरों ने लगातार भूखे रहकर अपनी डयूटी की। इससे रेल सेवाओं के संचालन में कोई बाधा नहीं पहुंची। इस मौके पर रामकेश मीना, दलवीर नागर, रामकिशोर, वीपी मीणा आदि मौजूद रहे।

Jamthara (Asansol Divison/ER): जामताड़ा, चित्तरंजन अाैर विद्यासागर रेलवे स्टेशन पर पदस्थापित स्टेशन मास्टरों ने शनिवार को भूखे रहकर ड्यूटी किया। जामताड़ा स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक राजनारायण साव, स्टेशन मास्टर अशाेक शर्मा, भवेश सिंह, रंजीत मेहता, दीपक कुमार, अनंत घांटी, शैलेंद्र कुमार राय, निर्मल बेसरा आदि ने भूखे रहकर ड्यूटी किया। मौके पर बताया गया कि आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के निर्देश पर यह आंदोलन किया गया है। बताया गया कि अपनी मांग के समर्थन में यह देशव्यापी आंदोलन किया गया। स्टेशन मास्टर अशोक शर्मा ने बताया कि 12 सूत्री मांगों के समर्थन में देश के सभी स्टेशन मास्टर ने शनिवार को भूखे रहकर ड्यूटी किया। ऐसा करके वे अपनी मांगों की ओर रेल मंत्रालय का ध्यान दिलाना चाहते हैं। स्टेशन मास्टर पिछले लंबे समय से वित्तीय पदोन्नति, 12 के स्थान पर कार्य के घंटे 8 किए जाने सहित अन्य मांग कर रहे हैं। स्टेशन मास्टर की ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद रेल विभाग मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। कई छोटे रेलवे स्टेशनों के आसपास मेडिकल या शैक्षणिक सुविधाएं नहीं है। एमएसीपी से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन ग्रेड पे 5400 देने, देशभर में कई ऐसे स्टेशन हैं जहां स्टेशन मास्टरों को हर रोज 12 घंटे ड्यूटी करना पड़ता है। ऐसे ड्यूटी रोस्टर को तत्काल रद्द किया जाए। स्टेशन मास्टर ट्रेनों को चलाने का काम करते हैं। इस दौरान तनाव का सामना भी करना पड़ता है। स्टेशन पर रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए। स्टेशनों पर एक के स्थान पर दो स्टेशन मास्टर लगाए जाए। स्टेशन डायरेक्टर का पद अनुभवी व सीनियर स्टेशन मास्टरों को दिया जाए। आदि मांग हल करने की मांग की। जिले के जामताड़ा, चित्तरंजन अाैर विद्यासागर रेलवे स्टेशन पर पदस्थापित स्टेशन मास्टरों ने शनिवार को भूखे रहकर ड्यूटी किया। जामताड़ा स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक राजनारायण साव, स्टेशन मास्टर अशाेक शर्मा, भवेश सिंह, रंजीत मेहता, दीपक कुमार, अनंत घांटी, शैलेंद्र कुमार राय, निर्मल बेसरा आदि ने भूखे रहकर ड्यूटी किया। मौके पर बताया गया कि आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के निर्देश पर यह आंदोलन किया गया है। बताया गया कि अपनी मांग के समर्थन में यह देशव्यापी आंदोलन किया गया। स्टेशन मास्टर अशोक शर्मा ने बताया कि 12 सूत्री मांगों के समर्थन में देश के सभी स्टेशन मास्टर ने शनिवार को भूखे रहकर ड्यूटी किया। ऐसा करके वे अपनी मांगों की ओर रेल मंत्रालय का ध्यान दिलाना चाहते हैं। स्टेशन मास्टर पिछले लंबे समय से वित्तीय पदोन्नति, 12 के स्थान पर कार्य के घंटे 8 किए जाने सहित अन्य मांग कर रहे हैं। स्टेशन मास्टर की ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद रेल विभाग मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। कई छोटे रेलवे स्टेशनों के आसपास मेडिकल या शैक्षणिक सुविधाएं नहीं है।

देवघर (Asansol Divison/ER): सातवां पे कमीशन के तहत ग्रेड पे बढ़ा कर 5400 रुपये करने सहित अन्य मांगों को लेकर शनिवार को देश भर के रेलवे स्टेशन मास्टर सांकेतिक भूख हडताल पर रहे. इस दौरान उन्होंने रेल परिचालन को बाधित किये बगैर गांधीवादी तरीके से विरोध जताया. आसनसोल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले स्टेशन मास्टर काम को करते हुए भूख हड़ताल पर रह कर सरकार के समक्ष अपनी मांगों को रखा. इस दौरान जसीडीह ब्रांच के अध्यक्ष एमसी झा व सचिव शंकर शैलेश की अगुवाई में क्षेत्र के स्टेशन मास्टरों ने  एकजुटता दिखायी. सचिव शंकर शैलेश ने बताया कि देश में करीब 40 हजार स्टेशन मास्टर अपनी मांगों के समर्थन में आज सांकेतिक भूख हड़ताल पर हैं. उनकी मांगों में स्टेशन मास्टर का सातवां पे कमीशन के तहत ग्रेड पे बढ़ा कर 5400 रुपये किया जाये, इआइ रोस्टर को समाप्त हो, स्ट्रेस भत्ता दिया जाये, सभी स्टेशन मास्टर के कार्यालय से जुड़ा शौचालय हो, जर्जर कार्यालय की मरम्मत समेत अन्य मांग शामिल है. इस अवसर पर अजय कुमार, एसके मंडल, यूके चौधरी, टीएन पंडित, पंकज कुमार, धनंजय कुमार, केडी महतो, महेश कुमार, रवि शंकर, एसर राजन,  एके सिंह, टीके झा, अंजनी सिंह, सीएस प्रसाद, जीआर कांत, अरूण पांडे, डीएन कामती, प्रवीण कुमार, विकास कुमार साह, राजेश कुमार, विनीत दयाल, शंभु यादव, उमेश पासवान, बुलंद अंसारी, विनय कुमार समेत बैद्यनाथधाम, जसीडीह, देवघर, दुमका, सिमुलतला, तुलसीटांड  समेत अन्य स्टेशन के स्टेशन मास्टर उपस्थित थे.

जमशेदपुर (Chakradharpur Division/SER): देशव्यापी आंदोलन के तहत चक्रधरपुर मंडल में कार्यरत  स्टेशन मास्टरों ने शनिवार को भूखे रह ड्यूटी की. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर  एसोसिएशन के बैनर तले देशव्यापी आंदोलन का असर पूरे चक्रधरपुर मंडल में  दिखा. टाटानगर सहित छोटे स्टेशन में भी स्टेशन  मास्टरों ने अपनी ओर ध्यान आकृष्ट  कराने के लिए भूखे रहकर कामकाज किया. एसोसिएशन की मांग की है कि एमएसीपी  से मिलने वाला तीसरा प्रमोशन (ग्रेड पे 5400) दिया जाये. संरक्षा व तनाव  भत्ता स्टेशन मास्टरों को भी मिले. स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित किया जाये. कई स्टेशन में स्टेशन मास्टरों को हर रोज 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है.  ऐसे ड्यूटी रोस्टर को तत्काल रद्द किया जाये. स्टेशनों पर सहयोग के लिए एक  सहकर्मी स्टेशन मास्टर की नियुक्ति व स्टेशनों के आसपास मेडिकल या शैक्षणिक  सुविधाएं नहीं होने पर स्टेशन मास्टर के परिवारों को शहर में आवास की  सुविधा मिले. नयी पेंशन योजना रद्द कर पुरानी पेंशन योजना को  लागू करने की मांगें भी शामिल है.

कोटा (Kota Division/WCR): कोटा रेल मंडल सहित देशभर के स्टेशन मास्टर्स ने अपनी मांगों को लेकर भूखे रहकर काम किया। स्टेशन मास्टर गुड़ला, केशवरायपाटन, लाखेरी, हिण्डौन सिटी व बयाना जंक्शन में दो स्टेशन मास्टर लगाए जाने और ग्रेड पे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।  कोटा रेल मंडल में लगभग 530 स्टेशन मास्टर हैं। इनमें से 35 कोटा प्रॉपर में हैं। शुक्रवार रात 12 बजे से स्टेशन मास्टर्स में भूखे रहकर काम करना शुरू कर दिया था। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन की कोटा शाखा के सचिव राजेन्द्र मीणा ने बताया कि स्टेशन मास्टर्स की मांगों पर लंबे समय से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके विरोध में 11 अगस्त को नई दिल्ली में बड़ौदा हाउस के सामने केन्द्रीय पदाधिकारी भूख हड़ताल पर बैठे। उनके समर्थन में कोटा मंडल के 530 स्टेशन मास्टरों ने ऑन ड्यूटी व ऑफ ड्यूटी हंगरफास्ट पर रहे। स्टेशन मास्टर्स की अधिकतर मांगें बढ़ते वर्क लोड व वेतन विसंगतियों से संबंधित हैं।  उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार कोटा रेल मंडल के गुड़ला जंक्शन, केशोरायपाटन, लाखेरी, हिण्डौन सिटी, बयाना जंक्शन, डाढ़ देवी, रामगंजमंडी, महीदपुर रोड जैसे व्यस्ततम स्टेशनों पर दो स्टेशन मास्टर की नियुक्ति की जानी चाहिए। कोटा-चित्तौड़गढ़ खंड में 12 घंटे की ड्यूटी को 8 घंटे किया जाए। स्टेशन मास्टरों को वित्तीय पदोन्नति में ग्रोस पे 5400 रुपये दिया जाए। सेफ्टी की सबसे अधिक जिम्मेदारी स्टेशन मास्टर की है। लेकिन, सेफ्टी व स्ट्रेस अलाउंस नहीं दिया जा रहा है। स्टेशन मास्टर की कुल पोस्ट में से 15 प्रतिशत पोस्ट राजपत्रित की जाएं। रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद भी स्टेशन मास्टरों को साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जा रहा है। रेलवे में नई तकनीक आ चुकी है, इसके बावजूद स्टेशन मास्टर्स से सात रात्रि ड्यूटी लगाई जा रही है। इन सभी मांगों को लेकर रेल प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिया गया। लेकिन रेल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।

बरकाकाना (Dhanbad Division/ECR): स्टेशन परिसर में स्टेशन प्रबंधकों की एक दिवसीय भूख हड़ताल की गई। भूख हड़ताल के संबंध में बरकाकाना स्टेशन प्रबंधक पीके गांगुली ने बताया कि आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर ऐसोशियेशन के बैनर तले आॅन ड्यूटी व आॅफ ड्यूटी सभी स्टेशन प्रबंधक अपने सात सूत्री मांगो को लेकर शनिवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल करते हुए रेल सेवा में योगदान करने का निर्णय लिया। स्टेशन प्रबंधकों के मांगो में एमएसीपी के तहत मिलने वाला तीसरा प्रमोशन 5400 ग्रेड किया जाना, स्टेशन प्रबंधकों को तनाव व संरक्षा भत्ता सहित अन्य मांगों को लेकर भूख हड़ताल की गई है। मौके पर टीआई विवेक कुमार, रंजन कुमार सिंह, सुधीर हांसदा, मसीह सोय, कमलकिशोर, संजू प्रसाद, विवेक कुमार, आईएम बोदरा सहित कई लोग उपस्थित थे।

भीलवाड़ा (Ajmer Division/NWR): पूरे एनडब्ल्यूआर में भूख हड़ताल करते हुए स्टेशन मास्टर्स ने ट्रेनों का संचालन किया। जिले के सभी दस स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर्स ने ऑन और ऑफ ड्यूटी भूख हड़ताल की। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन एनडब्ल्यूआर के महासचिव शरदचंद्र पुरोहित ने बताया कि दिल्ली में रेल मंत्रालय के सामने देशभर से 200 स्टेशन मास्टर्स ने केंद्रीय और जोनल पदाधिकारियों के साथ धरना प्रदर्शन भी किया। रेल मंत्री ने स्टेशन मास्टर्स का मांगपत्र लेकर आश्वासन दिया। स्टेशन मास्टर्स की प्रमुख मांगों में एमएसीपी के द्वारा 5400/-ग्रेड पे लेना, जिन-जिन स्टेशनों पर 12 घंटे का अमानवीय रोस्टर है उसे तुरंत प्रभाव से 8 घंटे के रोस्टर में बदलवाना, कार्य के दौरान तनाव भत्ता लेना, जहां ट्रेनों का दबाव ज्यादा है वहां एक अतिरिक्त स्टेशन मास्टर नियुक्त कराना, पुरानी पेंशन योजना लागू कराना आदि हैं।

सवाई माधोपुर (Kota Division/WCR):  दस सूत्रीय मांगों को लेकर केन्द्रीय कमेटी के निर्देशानुसार ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन मंडल कोटा जिला शाखा के स्टेशन मास्टर रेलवे स्टेशन परिसर में 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के जिला सचिव आशाराम मीना उप स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल कर ड्यूटी का निर्वहन किया है। भूख हड़ताल में मखोली, रणथम्भौर, सवाईमाधोपुर, कुस्तला, रवांजना डूंगर, आमली, इन्द्रगढ़, लाखेरी स्टेशन के स्टेशन मास्टरों ने भाग लिया। संगठन द्वारा सरकार एवं रेल मंत्रालय को बार-बार अवगत कराने के बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते स्टेशन मास्टर 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे।

हरदा (Howra Division/ER): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (एआईएसएमए) के आह्वान पर स्टेशन मास्टर्स ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शनिवार को भूखे रहकर ड्यूटी की। इसमें हरदा, पलासनेर, भिरंगी, टिमरनी सहित आसपास के स्टेशनों के स्टेशन मास्टर्स शामिल हुए। उन्होंने बताया 12 घंटे की ड्यूटी की अनिवार्यता समाप्त करने, 5400 ग्रेड पे देने, सात की बजाए दो रात की ड्यूटी लगाने, तनाव व संरक्षा भत्ता देने, व्यस्त स्टेशनों पर दो स्टेशन मास्टर दिए जाने, रिक्त पदों को शीघ्र भरे जाने सहित अन्य मांगों को लेकर गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया।

रामगंजमंडी (Kota Division/WCR): रामगंजमंडी. हंगर फास्ट पर बैठे स्टेशन मास्टर्स, उनका कहना है कि हम लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। रेलवे के स्टेशन मास्टर्स ने राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शनिवार को आंदोलन पर रहे। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़े, इसलिए स्टेशन मास्टर्स ने भूख हड़ताल के दौरान भी काम किया। स्टेशन मास्टर 24 घंटे के हंगर फास्ट पर हैं। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार सुबह से 24 घंटे के हंगर फास्ट की राष्ट्रव्यापी आह्वान किया था। इसके समर्थन में कोटा मंडल से जुडे सभी स्टेशन मास्टर्स शनिवार को भूखे रहकर काम किया। स्टेशन मास्टर स्टेशन पर अपनी ड्यूटी तो करने आए, लेकिन गांधीवादी तरीके से भूखे रहकर अपनी मांगे मनवाने का आंदोलन किया। स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन मांग कर रही है कि वित्तीय पदोन्नति में जीपी(एल-9) 5400 दिया जाए। सभी स्टेशन मास्टर्स को सेफ्टी एवं स्ट्रेस भत्ता दिया जाए। अमानवीय 12 घंटों का ईआई रोस्टर बंद किया जाए।

फरीदाबाद (Delhi Division): विभिन्न मांगों को लेकर फरीदाबाद सेक्शन समेत दिल्ली-एनसीआर के तमाम स्टेशनों के स्टेशन मास्टर शनिवार को भूख हड़ताल पर रहे। उन्होंने गांधीवादी तरीके से काले बिल्ले लगाकर काम किया। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स असोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को देशभर के स्टेशन मास्टर भूख हड़ताल पर रहे। फरीदाबाद, न्यू टाउन, बल्लभगढ़, असावटी और पलवल समेत दिल्ली-एनसीआर के सभी स्टेशनों पर उन्होंने भूख हड़ताल रखी। जिन स्टेशन मास्टरों की ड्यूटी दिन के समय में नहीं थी, वह दिल्ली स्थित बड़ौदा हाउस पहुंचकर भूख हड़ताल में शामिल हुए। इनकी मांग है कि रेल मंत्रालय जीपी भत्ता 4800 की बजाए 5400 रुपये तक दे। जोखिम भत्ता को बढ़ाया जाए। 12 घंटे तक ड्यूटी देने की प्रथा को समाप्त कर आठ घंटे तक ड्यूटी करने की मांग पूरी की जाए। स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 फीसदी पद राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित किया जाए। अधिक ट्रेनों के संचालन वाले स्टेशनों पर सहायक स्टेशन मास्टरों की नियुक्ति की जाए। हालांकि हड़ताल से ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

उदयपुर (Ajmer Division/NWR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (एनडब्ल्यूआर) के महासचिव शरदचंद्र पुरोहित ने बताया कि उदयपुर में 377 स्टेशन मास्टर और इंस्ट्रक्टर भूख हड़ताल पर रहे। रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भोजनालय खाली रहा। वहां कोई खाना खाने नहीं गया। उदयपुर सिटी स्टेशन, राणा प्रताप नगर स्टेशन सहित चित्तौड़ खंड के सभी स्टेशन मास्टर हड़ताल में शामिल हुए। पुरोहित ने बताया कि दिल्ली में रेल मंत्रालय के सामने देशभर से 200 स्टेशन मास्टर्स ने केन्द्रीय और जोनल पदाधिकारियों के साथ धरना प्रदर्शन किया। वहां रेल मंत्रालय से रेल राज्य मंत्री ने पदाधिकारियों को वार्ता के बुलाया और मांगें सुनी। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर इन मांगों का हल निकालने का आश्वासन दिया।

जोधपुर (Jaipur Division/NWR):  ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को जोधपुर रेल मंडल के कई स्टेशन मास्टर ने भूख हड़ताल कर रेलवे की नीति का विरोध जताया। एस्मा के मंडल सचिव केके मीणा ने बताया, कि भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर के हजारों पद रिक्त होने के बावजूद कार्यरत स्टेशन मास्टर द्वारा ट्रेनों का सुरक्षित संचालन करने पर भी रेलवे प्रशासन उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है। मीणा ने बताया, कि स्टेशन मास्टर की मुख्य मांगों में एमएसीपी में स्टेशन मास्टर को ग्रेड पे 5400 देने, 12 घंटे के रोस्टर को हटाने, सभी स्टेशन पर कूलर व पीने के पानी की व्यवस्था करने और लगातार सात नाइट ड्यूटी की जगह दो नाइट ड्यूटी करना शामिल है। मांगों को लेकर व रेलवे की नीतियों के विरोध में स्टेशन मास्टर ने प्रदर्शन किया।

गंगापुर सिटी (Kota Division/WCR): रेलवे स्टेशन मास्टरों ने शनिवार को 24 घंटे भूखे-प्यासे रहकर आंदोलन में उतरे और बिना रेल सेवा प्रभावित किए अपना विरोध प्रदर्शन किया।  साथ ही रेलवे स्टेशन पर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर उनकी मांगों को हल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई साल से स्टेशन मास्टरों अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग कर रहे है लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं कर रही है। जिससे स्टेशन मास्टरों में सरकार के खिलाफ रोष है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन द्वारा स्टेशन मास्टरों की न्यायोचित व जायज मांगों को रेल प्रशासन द्वारा लम्बे समय से विलंबित कर रखा है। इसके विरोध में आईस्मा के केन्द्रीय पदाधिकारी नई दिल्ली बड़ौदा हाउस के सामने धरने पर बैठे हैं। उनके समर्थन में कोटा मंडल के सभी 500 स्टेशन मास्टर व गंगापुर सिटी से 23 रेलवे स्टेशन मास्टर ऑन ड्यूटी व ऑफ ड्यूटी हंगर फास्ट पर हैं। जिसमें अधिकांश मांगे बढ़ते वर्कलोड एवं वेतन विसंगतियों से जुड़ी हुई हैं। एसोसिएशन के स्थानीय अध्यक्ष अर्जुन लाल मीणा ने बताया कि स्टेशन मास्टर की ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक ग्रॉस पे 4200 होने के बाद भी स्टेशन मास्टरों को वित्तीय पदोन्नति में ग्रॉस पे 5400 रुपए नहीं दिया जा रहा है। व्यस्ततम सेक्शन कोटा व सवाई माधोपुर में पैनल पर सेकंड एसएम की नियुक्ति को लगभग 10 वर्षों से लंबित किया जा रहा है। दो स्टेशन मास्टरों का काम एक स्टेशन मास्टर से ही करवाया जा रहा है। इस अतिरिक्त काम के बोझ के कारण रेल की संरक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि 12 घंटे का ड्यूटी रोस्टर बंद किया जाना चाहिए। स्टेशन मास्टरों को सेफ्टी व स्ट्रेम भत्ता दिया जाए। रेलवे स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित किए जाएं। नाइट ड्यूटी अलाउंस ग्रेड पे के अनुसार दिया जाए। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक अर्जुन लाल मीणा के अलावा अशोक गुप्ता, पी.पी. अग्रवाल, हरिसिंह मीणा, बाबू लाल महावर, भंवर सिंह, सी.एल. मीणा, विजय सिंह मीणा, राजकुमार यादव, केशव प्रसाद मीणा, रामअवतार मीणा, आर.पी. मंगल, के.एल. मीणा, रामगोपाल शर्मा, मुरारी लाल मीणा, राजेश जोनवाल व लोकेंद्र मीणा आदि स्टेशन मास्टर मौजूद थे।

डुमरी (Dhanbad Division/ECR): आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर 11 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को पारसनाथ रेलवे स्टेशन मास्टरों ने 24 घंटे का भूख हड़ताल शुरू किया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि स्टेशन मास्टर भारतीय रेलवे का अहम हिस्सा है। रेल की यातायात व्यवस्था सहित सभी कामों में काम करने वाले विभिन्न विभागों का स्टेशन मास्टर केन्द्र बिन्दु होता है। स्टेशन मास्टर को कई ऐसे भी स्टेशनों में काम करना पड़ता है जहां न तो कोई बस्ती है और न ही चिकित्सा और शिक्षा की व्यवस्था है। महत्वपूर्ण पद पर कार्य करते हुए भी रेलवे प्रशासन की ओर से स्टेशन मास्टर कैडर को उपेक्षित किया जाता है। भारतीय रेल के 35 हजार स्टेशन मास्टर्स इस भूख हड़ताल में किसी भी तरह यातायात को हानि नहीं पहुंचाते हुए प्रभावी रूप से भाग ले रहे हैं। आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के 11 सूत्री मांगों में एमएसीपी द्वारा मिलने वाले तीसरा प्रमोशन देने, अमानवीय रोस्टर को रद्द करने, संरक्षा और तनाव भत्ता देने, स्टेशन मास्टर की संख्या का 15 प्रतिशत पद राजपत्रित स्टेशन मास्टर के रूप में सृजित करने, वैसे स्टेशनों जहां गाड़ियों का परिचालन अधिक है वहां सहकर्मी स्टेशन मास्टर की नियुक्ति करने, स्टेशन मास्टर का वेतनमान वैसे विभागों के कर्मचारियों से अधिक करने जिसका वह प्रमुख कहलाता है। वैसे स्टेशन जहां मेडिकल और शैक्षणिक सुविधाएं नहीं है उन स्टेशनों में काम करने वाले स्टेशन मास्टर के परिवारों को शहर में आवास देने की व्यवस्था करने आदि प्रमुख मांगें है। इस मौके पर एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष संजीत कुमार, स्टेशन प्रबंधक भूषण दुबे, मृत्युंजय कुमार, मनीष कुमार चन्द्रा, महेन्द्र प्रसाद बावरी, असीफ होदा, अवनीष कुमार, कविशरण प्रसाद, व्रजकिशोर मंडल आदि उपस्थित थे।

कोटा (Kota Division/WCR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर स्टेशन मास्टर और सहायक स्टेशन मास्टर ने शनिवार को भूखे रहकर कार्य किया। वह रविवार को 24 घंटे पूरे होने तक भूखे रहेंगे। रेल प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई बात नहीं की गई। एसोसिएशन की मांगों में गुडला जंक्शन, केशवरायपाटन, लाखेरी, हिंडौन सिटी, बयाना जंक्शन, डाढ़देवी, रामगंजमंडी और महीदपुर रोड सहित कई स्टेशनों पर एक-एक अतिरिक्त स्टेशन मास्टर तैनात करने की मांग प्रमुख हैं। एसोसिएशन का कहना है कि इन स्टेशनों पर कार्य का तनाव है। लगातार सात दिन तक रात्रि ड्यूटी कराने से भी असंतोष है। इसके अलावा वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी लम्बे समय से कर रहे हैं। एसोसिएशन के मंडल सचिव राजेन्द्र कुमार मीना ने बताया कि कोटा-चित्तौडगढ़़ रेलखंड में स्टेशन मास्टर लगातार 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं, जो संरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। यहां 8 घंटे की ड्यूटी की जानी चाहिए। पूरे देश में 39 हजार स्टेशन मास्टर भूखे रहकर कार्य कर रहे हैं। कोटा मंडल में 500 स्टेशन मास्टर ने भूखे रहकर कार्य किया।

जालंधर (Firozpur Divison/NR): आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने शनिवार को देशभर में 24 घंटे की भूख हड़ताल की। ये हड़ताल स्टेशन मास्टरों को सुविधाएं और परेशानियों को दूर करने की मांग को लेकर की गई थी। देशभर के 35 हजार स्टेशन मास्टरों ने अपने-अपने स्टेशन पर भूख हड़ताल पर रहने के बावजूद सेवाएं दी। उनका कहना है कि स्टेशन मास्टर छोटे-बड़े और ऐसे भी स्टेशनों पर सेवाएं दे रहे हैं, जहां का एरिया सुनसान हैं। इसके बावजूद सभी 12-12 घंटे तक ड्यूटी दे रहे हैं। इसलिए सभी की मांग है कि जिन स्टेशनों पर ट्रेनों की आवजाई ज्यादा है, वहां सहकर्मी स्टेशन मास्टर नियुक्त किया जाए। स्टेशन पर रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाए। स्टेशन डायरेक्टर का पद अनुभवी और सीनियर स्टेशन मास्टरों को दिया जाए। साथ ही पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए।

बारां (Jabalpur Division/NWR): ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के राष्ट्र व्यापी आह्वान पर शनिवार को जिले के स्टेशन अधीक्षकों ने मांगों को लेकर गांधीगिरी दिखाई। स्टेशन अधीक्षकोंं ने ऑन व ऑफ ड्यूटी 24 घंटे भूख हड़ताल (हंगर फास्ट) पर रहकर विरोध प्रदर्शन किया। बैठक में सरकार की ओर से लम्बित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं करने पर उच्च नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन को गति देने पर जोर दिया गया। एसोसिएशन के जिला शाखा संगठन सचिव सतीश विजय व एसके मंगलम ने बताया कि संगठन के राष्ट्र व्यापी आह्वान पर सभी रेलवे स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल पर रहकर संरक्षापूर्वक ट्रेन संचालन किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन मास्टर की सुरक्षित संरक्षित एवं समय पालित रेल संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है, लेकिन रेल प्रशासन की ओर से लम्बे समय से स्टेशन मास्टरों की न्याय संगत मांगों को नजर अंदाज किया जा रहा है। इससे स्टेशन मास्टरों में रोष व्याप्त है। बैठक में चतुर्भुज मीणा, जेपी मीणा, जयसिंह मीणा, रामगोपाल मीणा, राजेश मीणा व सीएल मीणा आदि मौजूद थे। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रमुख मांग उठाते हुए कहा कि प्रारम्भिक पे-ग्रेड 4200 होने के बाद भी स्टेशन मास्टरों को वित्तीय पदोन्नति में पे-ग्रेड-5400 का लाभ नहीं दिया जा रहा है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के बाद भी व्यस्तम सेक्शन में पैनल पर द्वितीय स्टेशन मास्टर की नियुक्ति नहीं की जा रही है। दो का काम एक स्टेशन मास्टर से कराने से रेल संरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके अलावा 12 घंटों का ड्यूटी रोस्टर बंद किया जाए। स्टेशन मास्टरों को संरक्षा व स्ट्रेस भत्ता दिया जाए। 15 प्रतिशत पदों को ग्रुप बी में अपग्रेड किया जाए। मूलभूत सुविधा वाले स्टेशनों पर एकीकृत आवास सुविधा दी जाए। सुपरवाइजर एबाव सुपरवाज्ड के सिद्धांन्त के अनुसार प्रारम्भिक ग्रेड पे किया जाए। ग्रेड के अनुसार नाइट ड्यूटी भत्ता लागू किया जाए।

बरवाडीह जंक्शन (Dhanbad Division/ECR): बरवाडीह रेल सेक्शन में कार्यरत स्टेशन मास्टर का 24 घंटे का उपवास समाप्त हो गया। रेलवे स्टेशन मास्टर ने उपवास रखकर भी अपनी ड्यूटी को पूरा किया। वहीं स्टेशन परिसर में उपस्थित सेक्शन के सभी स्टेशन मास्टरों ने बैठक कर अपनी मांगों पर चर्चा कर रेलवे बोर्ड को भेजने का निर्णय लिया। बरवाडीह स्टेशन मास्टर एके द्विवेदी ने बताया कि ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर 24 घंटे का उपवास देश के 35 हजार स्टेशन मास्टरों ने अपनी ग्यारह सूत्री मांग को लेकर किया था लेकिन रेल का परिचालन सामान्य रखा गया। उन्होंने कहा कि 11 सूत्री मांगों को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाया गया है, ताकि हमारी मांगों पूरी हो सके। इस मौके पर एसके मंडल, एसडी एक्का, आईएस मुंडा, राजग्रह प्रसाद, बीके चौधरी, रत्नेश कुमार, राधेश्याम प्रसाद, बीके रमन, प्रेम कुमार मेहरा, रामाशीष मेहता, दिनेश कुमार, श्रवण कुमार एवं रंजीत कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे।

आमला (Nagpur Division/CR): आॅल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के आह्वान पर आमला ब्रांच के स्टेशन मास्टर पर भी 24 घंटे की भूख हड़ताल पर रहे। स्टेशन मास्टर एसके मिश्रा ने बताया भूख हड़ताल का यह प्रदर्शन 11 अगस्त से शुरू हुआ था जो दूसरे दिन, रविवार को भी जारी रहा। इस हड़ताल को दोनों मान्यता प्राप्त यूनियन के पदाधिकारियों ने भी अपना समर्थन दिया। मिश्रा ने बताया यात्रियों की परेशानी न बढ़े, इसलिए एसोसिएशन ने काम बंद करके हड़ताल नहीं की। यह हड़ताल भर्ती ग्रेड 4200 से 4800 सौ करने, रोस्टर को 12 से 8 घंटे करने के लिए थी। इसके अलावा जिन स्टेशनों पर यातायात ज्यादा है, वहां दो स्टेशन मास्टर नियुक्त करने, केंद्रीयकृत आवासीय व्यवस्था सहित स्टेशनों पर पेयजल, शौचालय और रेस्ट हाउस के बेहतर इंतजाम तथा पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग को लेकर भी शामिल है।

अशोकनगर (Bhopal Division/WCR): कई साल से स्टेशन मास्टर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग कर रहे है लेकिन सरकार उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं कर रही है। इसी के विरोध में ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने मांगों को पूरा कराने के लिए 24 घंटे की भूख हड़ताल की। इस भूख हड़ताल के दौरान स्टेशन मास्टरों ने अन्न जल का त्याग रखा। शुक्रवार रात 12 बजे से शुरू हुई हड़ताल शनिवार की रात 11.59 बजे तक चालू रही। गुना-बीना रेल मार्ग पर बीना से गुना तक मावन से लेकर महादेव खेड़ी स्टेशन तक 56 स्टेशन मास्टरों ने भूखे रहकर ड्यूटी की। एसोसिएशन के सदस्य डीके त्यागी ने बताया कि स्टेशन मास्टर की ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक ग्रॉस पे 4200 होने के बाद भी स्टेशन मास्टरों को वित्तीय पदोन्नति में ग्रॉस पे 5400 रुपए नहीं दिया जा रहा है। कई स्थानों पर दो स्टेशन मास्टरों का काम एक स्टेशन मास्टर से ही करवाया जा रहा है। इस अतिरिक्त काम के बोझ के कारण रेल की संरक्षा प्रभावित होती है। स्टेशन मास्टरों को सेफ्टी व स्ट्रेम भत्ता दिया जाए। रेलवे स्टेशन मास्टरों की पूरी संख्या में से 15 प्रतिशत पद राजपत्रित किए जाएं। नाइट ड्यूटी अलाउंस ग्रेड पे के अनुसार दिया जाए।

 

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