मरम्मत नहीं होने की कारण रांची रेल मंडल के तहत रांची से गोला तक का रेल ट्रैक खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।

RANCHI: रांची रेल मंडल के तहत रांची से गोला तक का रेल ट्रैक खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। लाइन की मरम्मत नहीं हो रही है। इंजीनियर साइट पर नहीं रहते हैं। ट्रैक का मेंटेनेंस नहीं हो रहा है। प्वाइंट्स क्राॅसिंग की हालत अच्छी नहीं है। यह स्थिति एक-दो जगह की नहीं, पूरे सेक्शन की है। इसका खुलासा करने वाले सीनियर डिविजनल सेफ्टी ऑफिसर बीके सिन्हा की शिकायत पर जांच तो दूर कार्रवाई भी नहीं हुई। अब पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जबकि, सेफ्टी विभाग ने इस मामले का खुलासा किया था। इस मामले में डीआरएम विजय कुमार गुप्ता ने कहा था कि मामले की जांच कराएंगे और उन पर कार्रवाई करेंगे, लेकिन ना जांच ही पूरी हुई और ना ही कोई कार्रवाई। रेलवे में जांच और कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। इस मामले की जांच का जिम्मा एडीआरएम अजीत सिंह यादव को दिया था।

सीनियर डीएसओ को इंजीनियर ने भेजा था लीगल नोटिस

इस संबंध में सीनियर डिविजनल सेफ्टी आॅफिसर बीके सिन्हा सीनियर सेक्शन इंजीनियर को सख्त हिदायत दी है। इस स्थिति के लिए जवाब देह बताते हुए उन्हें डांटा। कहा है कि आप वहां रहते ही नहीं है, तो आपको स्थिति की क्या जानकारी होगी। इधर, सीनियर डीएसओ के इस रवैये पर इंजीनियर ने भी सीनियर डीएसओ के खिलाफ लीगल नोटिस भेज दिया है और कहा है कि डीएसओ उनके पीछे पड़े हुए हैं। उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। सेक्शन की स्थिति से मैंने अधिकारियों को अवगत करा दिया है। उसे ठीक करें आप। उस सेक्शन में पूरा का पूरा गड़बड़ी है। उस सेक्शन में कोई काम नहीं हो रहा है। कभी भी ट्रेन गिर सकती है। इस मामला का तब खुलासा हुआ है, जब सीनियर डीएसओ और इंजीनियर के बीच विवाद हो गया है। इंजीनियर ने सीनियर डीएसओ के खिलाफ शिकायत करने के साथ ही लीगल नोटिस भेजा है। अब इस मामले की जांच होगी।

सेक्शन में चलती हैं राजधानी एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी ट्रेनें

रांची-गोला सेक्शन में रांची से नई दिल्ली जाने वाली रांची-राजधानी एक्सप्रेस, गरीब रथ एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, रांची-बनारस इंटरसिटी, रांची- अजमेर शरीफ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का परिचालन होता है। ऐसे में यात्रियों के जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

क्या कहा था सीनियर डीएसओ ने

सीनियर डीएसओ बीके सिन्हा ने कहा था कि कभी भी ट्रेन गिर सकती है। ऐसी कोई घटना हुई तो सबसे पहले सेफ्टी आॅफिसर पर कार्रवाई होगी। पूरा सेक्शन चौपट है। इंजीनियर को इंजीनियर विभाग के सीनियर डीईएन कोआर्डिनेशन प्रोटेक्ट करते हैं। वो भी इसमें मिले हुए हैं। मैंने फोन पर काम को लेकर डांटा था। डांटेंगे नहीं तो फिर काम ही नहीं होगा। गोला रोड नहीं जाता है और रांची से ऑपरेट करता है। उसका एईएन और डीईएन भी शिकायत कर चुका है कि हमेशा भागा रहता है।

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