रतलाम-नीमच ट्रैक दोहरीकरण को रेलवे बोर्ड की मंजूरी, 133 किमी सेक्शन पर 910 करोड़ रु. खर्च होंगे

रतलामनीमच 133 किमी रतलाम-नीमच ब्रॉडगेज लाइन के दोहरीकरण का काम साल अंत या 2019 के शुरुआती माह में..

रतलाम | 133 किमी रतलाम-नीमच ब्रॉडगेज लाइन के दोहरीकरण का काम साल अंत या 2019 के शुरुआती माह में प्रारंभ हो जाएगा। रेलवे बोर्ड ने पिंक बुक 2018-19 में अन्य प्रोजेक्ट के साथ रतलाम-नीमच दोहरीकरण प्रोजेक्ट को भी शामिल कर मंजूरी दे दी है। पूरे काम पर 910 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें 830 करोड़ रुपए सिविल वर्क जबकि बाकी के 40 करोड़ रुपए सिग्नल, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिफिकेशन सहित अन्य कार्य पर खर्च होंगे।

पिंक बुक के स्वीकृत कार्यों की सूची के साथ पश्चिम रेलवे मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के डिप्टी चीफ इंजीनियर ने प्रोजेक्ट पर काम प्रारंभ कर दिया है। जल्द ही नक्शे को फाइनल करने के बाद दोहरीकरण के लिए टेंडर निकलने लगेंगे। रेलवे ने दिसंबर में प्रोजेक्ट का प्री-प्लान बनाकर भेजा था। नीमच-चित्तौड़गढ़ सेक्शन का दोहरीकरण पहले से चल रहा है। तीन साल में दोनों काम के पूरा होते ही रतलाम से चित्तौड़गढ़ तक दोहरी रेल लाइन हो जाएगी।

ये फायदे होंगे दोहरीकरण से

  • ट्रेनों की संख्या बढ़कर 30 से अधिक हो जाएगी, वर्तमान में पैसेंजर, एक्सप्रेस, मेल एक्सप्रेस, साप्ताहिक मिलाकर 17 यात्री गाड़ी चल रही है।
  • माल लदान में 25 प्रतिशत तक का इजाफा होगा, जिससे रेलवे का राजस्व बढ़ेगा। नीमच व चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में 10-12 सीमेंट फैक्टरियां हैं।
  • वर्तमान की सिंगल लाइन पर मालगाड़ियों के यातायात का दबाव 115 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है, दोहरीकरण से यह भी कम होगा।
  • मालगाड़ियों या पैसेंजर ट्रेन की क्रॉसिंग लिए पैसेंजर ट्रेन को स्टेशन पर नहीं खड़ा रहना पड़ेगा। यात्री गाड़ियां परिचालन समय पर होगा।
  • उदयपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा के लिए नई ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।
  • ट्रेन हादसा या खराबी होने पर दूसरी लाइन से यातायात जारी रखा जा सकेगा। अभी ऐसी स्थिति में रूट बंद हो जाता था।

हमारी कोशिश रहेगी कि समय पर काम पूरा हो जाए 

रेलवे मुख्यालय ने रतलाम-नीमच ब्रॉडगेज दोहरीकरण के कार्य को स्वीकृति दे दी है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार जल्द ही बाकी की दस्तावेजी कार्रवाई कर टेंडर निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। हमारी कोशिश मुख्यालय से मिले समय में काम पूरा करने की होगी। आरएन सुनकर IRSE, डीआरएम

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