रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री में अब मेट्रो और बुलेट ट्रेन के कोच भी बनाए जाएंगे

Multi-Robot Multi-Gauge Coach Shell fabrication commissioned as 1st in India for high quality flexible fabrication of Broad/Standard/Metre/Cape gauge coaches!

RAEBARELI: रायबरेली में लालगंज स्थित रेल कोच फैक्ट्री की क्षमता में तीन गुना वृद्धि होगी। इसमें मेट्रो व बुलेट ट्रेन के कोच का निर्माण भी होगा। इसके अलावा, गोरखपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटीनेंस शेड के प्रथम चरण का काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।

अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) डॉ. अनूप  चंद्र पांडेय ने यह जानकारी इन्वेस्टर्स समिट में घोषित पांच परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक में दी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इन परियोजनाओं का एलान किया था। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर रेलवे अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि इनके क्रियान्वयन से प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी व रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

आईआईडीसी ने बताया कि झांसी के लिए घोषित रिफरबिशमेंट फैक्ट्री के लिए रेलवे ने 120 एकड़ जमीन की व्यवस्था की है। प्रोजेक्ट पर जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा। साथ ही, गोरखपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स मेंटीनेंस शेड के कार्यों के लिए टेंडर को अंतिम रूप दे दिया गया है। पहले चरण का काम 31 दिसंबर तक पूर्ण होने की उम्मीद है।

बैठक में महाप्रबंधक मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली राजेश अग्रवाल, प्रिंसिपल चीफ मेंटीनेंस इंजीनियर अनूप कुमार, प्रिंसिपल चीफ मेंटीनेंस इंजीनियर उत्तर-मध्य रेलवे देवेंद्र कुमार, एनईआर के एडीआरएम मुकेश व कई अन्य रेल अफसरों के अलावा विशेष सचिव अंकित अग्रवाल भी मौजूद रहे।

फतेहपुर रेल ऑक्सीलरी का काम पूरा

आईआईडीसी ने बताया कि रेलवे अधिकारियों के अनुसार फतेहपुर रेल ऑक्सीलरी/एनसिलरी पार्क का कार्य लगभग पूरा हो गया है। पार्क में अगले महीने रेलवे से जुड़े उपकरणों व सामानों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

सीतापुर-मैलानी रूट बनेगा हेरिटेज ईको टूरिज्म रूट

अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त ने बताया कि रेल अधिकारियों के साथ मैलानी-सीतापुर छोटी लाइन रेलवे रूट को दुधवा व कतरनिया घाट से जोड़ते हुए हेरिटेज ईको टूरिज्म रेल रूट बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई है। रेलवे अफसरों से कहा गया है कि वे प्रदेश के पर्यटन विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर आगे की कार्यवाही करें।

 

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