रेलवे पर हावी रेत माफिया

होशंगाबाद। Hoshangabad (HBD):  तवा-नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन करने वाले रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। शासन-प्रशासन को अंगुलियों पर नचाने वाले माफिया रेल प्रशासन के लिए परेशानी बन गए हैं। माफियाओं ने रेलवे की एक किमी जमीन पर कब्जा कर वहां से रास्ता बना लिया है। इस पर से बकायदा रेत परिवहन की जा रही है।

रेलवे की नर्मदा ब्रिज के पास गेट 235 के करीब रेलवे की एक किमी जमीन है। यह गोहा गेट से सीधे नेशनल हाईवे 69 पर मिलता है। करवला रेत खदान से भोपाल जाने वाले ट्रक-डंपर तीन-चार किमी चक्कर लगाकर नर्मदा ब्रिज पर पहुंचते हैं, लेकिन रेलवे की जमीन पर रास्ता बनाकर ट्रक-डंपर पांच मिनट में ब्रिज पर पहुंच जाते है। रेलवे के अधिकारियों ने रास्ते को बंद करने का प्रयास किया, लेकिन माफियाओं के आगे अधिकारियों की एक नहीं चली।

धमकी देकर खुलवाते गेट:  रेलवे गेट 235 भी माफियाओं के इशारें पर चलता है। ये लोग आए दिन गेटमेन को धमका कर रेलवे गेट खुलवाते हैं। गेटमेन मना करे तो उससे अभद्रता तक की जाती है। पूर्व में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

सड़क के लिए नहीं दी जमीन:  जिला प्रशासन ने गेट से नर्मदा ब्रिज के बने इस रेलवे के गोहे पर सड़क बनाने का प्रयास किया था। इसके लिए एक करोड़ साठ लाख रूपए की लगात से बनने वाली सड़क में रेलवे ने अपत्ति लगा दी। इसके चलते यहां बायपास मार्ग ही नहीं बन पाया। उधर माफियाओं द्वारा अवैध रूप से बनाए गए इस रास्ते को बंद करने में रेलवे की एक नहीं चल रही है।

अवैध रूप से बनाए गए रास्ते को बंद करने का प्रयास किया, लेकिन रेत माफिया मनमानी कर रहे हैं। मामले में मुख्यालय को जानकारी भेजी है। एसके कटारे, पीडब्ल्यूआई रेलवे

इस गोहे में हम एक किमी की सड़क बना रहे थे, लेकिन रेलवे ने अनुमति नहीं दी है। सुनील कौरव, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail