रेल गाडियों में ज्वलनशील व विस्फोटक सामग्री एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना सख्त मना ही नही यह दंडनीय अपराध भी है।

बिलासपुर – यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल गाड़ियों में ज्वलनशील एवं विस्फोटक सामग्री ले जाने वालों के विरुद्ध रेलवे ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंडल स्तर पर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ), शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) एवं कमर्शियल विभाग द्वारा संयुक्त रूप से यह जांच अभियान शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत स्टेशनों एवं गाड़ियों में चैकिंग के साथ ही लगेज यानों एवं यात्री सामान की चैकिंग भी कराई जा रही है ।

अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों एवं रेल परिसर में ज्वलनशील एवं विस्फोटक सामान पटाखे, पेट्रोल, डीजल, कैरोसिन, गैस सिलेंडर आदि ले जाने पर गंभीर दुर्घटना होने के साथ ही जान-माल की हानि हो सकती है। इसलिए रेल यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे इस प्रकार के आपराधिक कार्यों में अनजाने में भी शामिल न हों। अन्यथा उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई 

रेल प्रशासन ने ऐसा सामान ले जाने वालों के बारे में यात्रियों से तुरंत सूचना देने की अपील की है। प्रशासन के मुताबिक डयूटी पर उपस्थित रेल कर्मचारियों/ आरपीएफ/ जीआरपी द्वारा ऐसी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल तक की सजा

रेल अधिनियम की धारा 164 के अंतर्गत ट्रेन एवं स्टेशन परिसर में ज्वलनशील और विस्फोटक सामान ले जाना दंडात्मक एवं गैर जमानती अपराध है। ऐसा करने पर 3 वर्ष की जेल या 1 हजार रुपए जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है ।

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