लखनऊ में टला एक बड़ा रेल हादसा

लखनऊ:  शुक्रवार देर रात हरिद्वार से इलाहाबाद जा रही ट्रेन 14116 हरिद्वार एक्सप्रेस निगोहां के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

ट्रेन की आखिरी की तीन बोगियां हवा में लहराते हुए एक पटरी से उतरकर दूसरी पटरी पर आ गईं।

इस हादसे में करीब एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। घटना के दो घंटे बाद तीनों बोगियों के यात्रियों को इसी ट्रेन की बची हुई बोगियों में बैठाकर इलाहाबाद रवाना कर दिया गया।

बुरी तरह घायल हुआ गार्ड
:  हादसे में ट्रेन का गार्ड बुरी तरह घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए रेलवे मंडल चिकित्सालय लाया जा रहा है। करीब 13 घंटे की मशक्कत के बाद इस रेलखंड पर रेल यातायात बहाल हो सका। इसके चलते एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया।

ट्रेन 14116 हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस लखनऊ से छूटने के बाद तेज गति से इलाहाबाद की ओर जा रही थी।

रात करीब 2:44 बजे ट्रेन कनकहा स्टेशन पार हुई और 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से वह 2:50 बजे निगोहां के आउटर पर पहुंच गई।

आउटर सिगनल के पास अचानक इसके गार्ड वाली बोगी (एनसी-09756) का एक्सल टूट गया और यह बोगी तेज झटके के साथ पटरी से नीचे आ गई।

सीट से नीचे जा गिरे यात्री: 
इस बोगी के पिछले हिस्से वाले दोनो पहिये दूर जा गिरे। जबकि बोगी रगड़ खाती हुई नीचे आ गई। रास्ते में दूरभाष बॉक्स सहित जो कुछ भी सामने आया उसे बोगी ने उड़ा दिया। जोरदार टक्कर के कारण गहरी नींद में सोए यात्री ऊपर की सीट से नीचे जा गिरे। इस बीच यात्रियों की चीख पुकार भी मच गई।

ट्रेन के गार्ड को भी कुछ समझ नहीं आया। करीब तीन सौ मीटर तक बोगी नीचे रगड़ते हुए एक सिगनल पोस्ट से जा टकरायी। टक्कर इतनी तेज थी कि सिगनल पोस्ट 100 मीटर दूर जा गिरा।

इस झटके के बाद यह बोगी फिर पटरी पर आ गई। इसके आगे की दो अन्य बोगियां मेन लाइन से हटकर लूप लाइन पर आ गईं। इस बीच ट्रेन के गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया तब जाकर ट्रेन रूक सकी।

हड़बड़ाकर जब लोग बाहर उतरे तो उनको पता चला कि ट्रेन की तीन बोगियां दूसरी पटरी पर आ गई हैं। करीब 4:24 बजे आगे की 11 बोगियों में दुर्घटनाग्रस्त बोगियों के यात्रियों को बैठाकर आगे रवाना किया गया।

घटना के बाद डीआरएम जगदीप राय और वरिष्ठ मंडल अभियंता (दूरभाष) एके सिंह सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। लखनऊ से दुर्घटना बचाव ट्रेन को भी रवाना किया गया।

करीब 13 घंटे के बाद शाम चार बजे रेलखंड को बहाल किया जा सका। मालगाड़ी को गुजारने के बाद ट्रेन 13005 पंजाब मेल को यहां से चलाया गया। इस ट्रेन से कुछ ही देर पहले बरेली-प्रयाग एक्सप्रेस गुजरी थी।

सीवीसी कपलर ने बचाया हादसा:  हरिद्वार-इलाहाबाद एक्सप्रेस की बोगियों में लगे सीवीसी कपलर के कारण इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद दर्जनों यात्रियों की जान बच सकी। सीवीसी कपलर के कारण ही आखिरी बोगी के पटरी से उतरकर जमीन पर रगड़ने के बावजूद वह अलग नहीं हो सकी।

यदि यह बोगी अलग हो जाती तो यहां के एक नाले से टकराकर कई यात्रियों की जान तक जा सकती थी। इतना ही नहीं अंतिम व उसके आगे की दो और बोगियां भी मेन लाइन से हटकर लूप लाइन पर पहुंचने के बावजूद आपस में जुड़ी रहीं। इन बोगियों को कटर से काटकर ही अलग किया जा सका।

बच गई टक्कर:  निगोहां स्टेशन के लूप लाइन पर तीन बोगियां उतरकर पहुंच गई थी, जिस जगह पटरियां जाकर रुकीं वहां से चंद मीटर की दूरी पर चार हजार हार्सपावर की क्षमता वाला एक डीजल इंजन भी खड़ा था। चंद मीटर से बची टक्कर ने बड़े हादसे को टाल दिया।

ट्रेन संचालन प्रभावित:  हादसे के कारण लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। लखनऊ-प्रतापगढ़ डीएमयू को रद कर दिया गया। ट्रेन 14512 नौचंदी एक्सप्रेस को सुल्तानपुर-प्रतापगढ़ होकर इलाहाबाद रवाना किया गया। ट्रेन 14208 पद्मावत एक्सप्रेस को सुल्तानपुर के रास्ते प्रतापगढ़ रवाना किया गया।

ट्रेन 14210 इलाहाबाद इंटरसिटी कानपुर होकर रवाना हुई। इलाहाबाद से आने वाली ट्रेन 14115 इलाहाबाद-हरिद्वार एक्सप्रेस कानपुर होकर लखनऊ आयी।

ट्रेन 14266 देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस सुल्तानपुर-प्रतापगढ़ के रास्ते वाराणसी गई। ट्रेन 54255 वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर को रायबरेली में समाप्त कर दिया गया।

ट्रेन 22408 वाराणसी-आनंद विहार गरीब रथ रायबरेली-कानपुर होकर चलायी गई। ट्रेन 12875 नीलांचल एक्सप्रेस भी लखनऊ न आकर रायबरेली-कानपुर होकर दिल्ली रवाना हो गई।

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