विद्युतीकरण और रेल पथ के दोहरीकरण की तैयारी में भारतीय रेलवे

सीतामढ़ी। रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए पूर्व मध्य रेलवे द्वारा आवश्यक तैयारी की जा रही है। इसके तहत जोन के 600 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तर पर विकसित किया जाएगा। साथ ही विद्युतीकरण एवं रेल लाइन के दोहरीकरण का खाका भी तैयार कर लिया गया है।

पूर्व मध्य रेलवे की विभिन्न निर्माण परियोजनाओं के लिए विभिन्न मदों में कुल 2652.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें यात्री सुविधाओं के लिए 69.51 करोड़, यातायात सुविधाओं के लिए 41.37 करोड़, आरोबी और आरयुबी के लिए 141 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा समपार कार्य के लिए 56.67 करोड़, रेल पथ नवीकरण के लिए 706 करोड़, पुल संबंधित कार्य के लिए 75.8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल सस्ते और आरामदायक परिवहन के रूप में बदलाव किए जाना है। भारतीय रेल का कुल खर्च 1,48,528 करोड़ रुपये रखा गया है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 17528 करोड़ ज्यादा है। इसमें से 53.060 करोड़ रुपये बजटीय सहयोग के रूप में सरकार को मिला है।

आंतरिक संसाधनों, पीब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप सहित अन्य माध्यमों से 93.440 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। पूर्वी और पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रंट कॉरिडोर का काम प्रगति पर है। वर्ष 2018 – 019 के दौरान 12 हजार वैगन एवं 5160 कोच की खरीदारी की जा रही है।

संरक्षा पर रेलवे की विशेष नजर:

संरक्षा सर्वप्रथम नीति अपनाते हुए भारतीय रेल इसपर विशेष बल दे रही है। इसके लिए राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष बनाया गया है।

इसके लिए पर्याप्त धन राशि की व्यवस्था की गई है। संरक्षा को बढ़ावा देने के लिए फॉग सेफ तथा ट्रेन प्रोटेक्शन एंड वाíनग सिस्टम जैसी नवीनतम तकनीकों को भारतीय रेल द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा है। इसके साथ यह भी निर्णय लिया गया है कि अगले दो वर्षो में बड़ी लाइनों पर स्थित सभी मानव रहित समपार फाटक को समाप्त कर दिया जाएगा।

संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेल द्वारा संरक्षा गतिविधियों पर 73.065 करोड़ रुपये के व्यय की योजना है। इसके तहत सभी व्यस्त रेल मार्गो पर मानव रहित लेवल क्रा¨सग को समाप्त करने, परंपरागत कोचों के स्थान पर सुरक्षित कोच के उत्पादन को बढ़ाने एवं ट्रैक के नवीकरण पर सर्वाधिक बल दिया जाएगा।

यात्रियों की सुरक्षा में होगी बढ़ोतरी:

भारतीय रेल द्वारा अगले पांच वर्षों में संपूर्ण रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण की योजना बनाई गई है। यह हरित विकास को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। साथ ही इससे रेलवे को प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की बचत भी होगी। 600 सौ स्टेशनों को विकसित किया जाना है।

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail