सात अरब की आएगी लागत

अजमेर। अजमेर से सवाईमाधोपुर वाया टोंक होते हुए नई रेल परियोजना पर सात अरब रूपए से ज्यादा की लागत आएगी। तीन साल से लंबित इस परियोजना के निर्माण के लिए हाल ही रेलमंत्री ने हरी झंडी दी है। नई रेल लाइन बिछने से टोंक जिला मुख्यालय का अजमेर सहित अन्य जिलों के साथ रेल सम्पर्क हो जाएगा। अजमेर-सवाईमाधोपुर वाया टोंक के लिए नई रेल लाइन बिछाने का सर्वे वर्ष 09-10 में पूरा हो चुका था। तीन साल तक इस रेलवे ट्रेक को वित्तीय स्वीकृति का इंतजार था।

हालांकि फरवरी में वर्ष 12-13 के लिए पेश रेल बजट में भी इसका कोई जिक्र नहीं किया गया था, जबकि अजमेर से कोटा एवं पुष्कर-मेड़ता के बीच नए रेलवे ट्रेक को मंजूरी मिल गई। लोकसभा में रेल बजट पर चर्चा के दौरान रेल मंत्री ने जनता की मांग को देखते हुए अजमेर-सवाईमाधापुर रेल मार्ग की भी घोष्ाणा कर दी है।

165 किलोमीटर बिछेगी नई रेल लाइन

अजमेर से सवाई माधोपुर के बीच 213.86 किलोमीटर की दूरी है, लेकिन अजमेर से नसीराबाद एवं चौथ का बरवाड़ा से सवाईमाधोपुर के बीच लगभग 48 किलोमीटर लाइन पहले से ही बिछी हुई है। रेलवे बोर्ड को नसीराबाद से चौथ का बरवाड़ा के बीच सिर्फ 165 किलोमीटर नई रेलवे लाइन डालनी है। इस परियोजना पर प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 709 करोड़ 16 लाख रूपए खर्च होने का अनुमान था। हालांकि यह आकलन भी तीन साल पुराना है। रेलवे लाइन का कार्य प्रारंभ होते-होते यह लागत लगभग 10 अरब रूपए तक पहुंचने का अनुमान है। रेल मार्ग के लिए सरकार को 724.55 हैक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इसमें से अघिकतर हैक्टेयर भूमि का अघिग्रहण करना होगा।

अजमेर-कोटा रेल मार्ग के लिए भी आसानी

अजमेर-सवाईमाधोपुर के बीच नई रेल लाइन डालने से कोटा के लिए भी रेल मार्ग बिछाना आसाना होगा। कोटा के लिए प्रस्तावित रेलवे ट्रेक केकड़ी से होकर निकलेगा। सवाई माधोपुर रेलवे लाइन भी केकड़ी से होकर निकलेगी। लिहाजा अजमेर से केकड़ी तक रेलवे लाइन दोनों परियोजनाओं के लिए काम आएगी।

यह होंगे स्टेशन

अजमेर, आदर्शनगर, हटूंडी, लच्छीपुरा, राजोसी, नसीराबाद (पहले से मौजूद ) लोहरवाड़ा,जसवंतपुरा, सराना, गोयला, सरवाड़, सूरजपुरा, केकड़ी, मेवदाकलां, नया गांव, बघेरा, डाबरडुंबा, टोडारायसिंह, बांसेड़ा, बरवास, डारड़ाहिंद, टोंक, बमोर, खेड़ा, बनेठा, सेदरी, चौथ का बरवाड़ा (नए स्टेशन) देवपुरा एवं सवाईमाधोपुर (पहले से मौजूद)।

फैक्ट फाइल

-रेल मार्ग की लम्बाई : 213.86 किलोमीटर
-नया रेलमार्ग : 165 किलोमीटर
– कुल लागत प्रारंभिक अनुमान : 709.16 करोड़
– जमीन की आवश्यकता : 724.55 हैक्टेयर
– कुल स्टेशन : 29
– आरओबी : दो
– आरयूबी : 15
-छोटे- बड़े पुल : 92

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