सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” के जन्मदिन के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम

हाजीपुर: पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” के जन्मदिन के अवसर पर दो सत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ. प्रथम सत्र में निराला की रचनाओं एवं उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया. कार्यक्रम की शुरूआत में श्री विजय कुमार मिश्र “बुद्धिहीन”, उप मुख्य इंजीनियर/टीएमसी ने निराला साहित्य पर विचार प्रकट करते हुए कहा कि हिंदी साहित्य में निराला का स्थान कोई दूसरा कवि नहीं ले सकता. उन्होंने कहा कि किसी कवि की कविता में सच्चाई एवं महानता तब आती है जब उसका जीवन भी यथार्थ और महान हो. इस अवसर पर उन्होंने सरस्वती वंदना का सस्वर पाठ भी किया. श्री दिलीप कुमार, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक/पीएस-1 ने कहा कि निराला मुक्ति के कवि थे. उनका पूरा साहित्य मनुष्य को मुक्तिपथ की ओर ले जाता है. इस अवसर पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए श्री अशोक कुमार प्रजापति, वरि. सहायक वित्त सलाहकार ने निराला के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला. उन्होंने इस अवसर पर कविता पाठ भी किया. सभी वक्ताओं ने इस कार्यक्रम को आयोजित कराने के लिए राजभाषा विभाग की प्रशंसा करते हुए बधाइयाँ दीं. उनका यह भी कहना था कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से हम अपनी परंपरा और इतिहास से जुड़ते हैं.

इस कार्यक्रम में मुख्यालय/हाजीपुर के विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे. इनमें सुश्री श्वेता कुमारी, वरि. अनुभाग इंजीनियर, सिगनल ने निराला के रचना संचार पर अपना मत प्रकट किया, साथ ही निराला के ऊपर अपनी स्वरचित कविता का प्रभावशाली पाठ भी किया. श्री शैलेन्द्र कुमार ठाकुर, श्री धर्मेन्द्र कुमार, श्री अरविन्द कुमार, श्री प्रमोद कुमार, मो. सलीम अख्तर अंसारी सहित कई अन्य वक्ताओं ने निराला के ऊपर आयोजित इस कार्यक्रम में अपने विचार प्रकट किए. 

मौके पर उपस्थित श्री अशोक कुमार श्रीवास्तव, राजभाषा अधिकारी ने निराला के ऊपर बोलते हुए कुछ अंतरंग यादों का साझा किया, साथ ही उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया.

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