स्टेशन की सुरक्षा का दावा लेकिन उपाय कुछ नहीं, करोड़ों की मशीनें हुईं बेकार

चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है।

बिलासपुर . देश में कमाई के मामले में नंबर वन बिलासपुर रेलवे स्टेशन सुरक्षा के मामले में अन्य जोन से पिछड़ा हुआ है। यहां न तो मेंटल डिटेक्टर मशीन है, और न ही सुरक्षा के मापदण्ड का पालन हो पा रहा। मुख्य चार दरवाजों के अलावा स्टेशन में प्रवेश के एक दर्जन से अधिक रास्ते हैं। चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके बावजूद जोनल महाप्रबंधक यात्रियों के सुरक्षित होने का दावा करते नहीं थक रहे। बिलासपुर रेलवे जोन को अस्तित्व में आए 15 साल से अधिक समय बीत चुका।

कमाई के मामले में बिलासपुर जोन अन्य जोन से काफी आगे है। इतना ही नहीं, बिलासपुर की कुल कमाई रायपुर और नागपुर डिवीजन से कहीं ज्यादा है। इसके बावजूद भी सबसे कमाऊ पूत यहां रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे के अधिकारी गंभीर दिखाई नहीं पड़ते।

पिछले 15 साल में रेलवे प्रबंधन ने बिलासपुुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किया। केवल जीआरपी और आरपीएफ के भरोसे यात्रियों की जान माल की हिफाजत करने का दावा करने वाला रेलवे प्रबंधन रेलवे स्टेशन के भीतर ही चोरी की वारदात को रोकने में नकाम साबित हो रहा है। लगातार बढ़ते आपराधिक वारदातों को रोक पाने में रेलवे सुरक्षाबल जवान भी सफल नहीं हो पा रहे।

  • 5 साल से कंडम पड़ा हैंड मेटल डिटेक्टर : रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए लाखों रुपए खर्च कर मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई गई थी, जो पांच साल पहले ही कंडम हो चुकी।
  • दर्जन भर से अधिक रास्ते चारों ओर से खुले : बिलासपुर रेलवे स्टेशन में प्रवेश के लिए चुचुहियापारा, न्यू लोको कॉलोनी, गजरा चौक, नयापारा, सिरगिट्टी के अलावा तारबाहर फाटक के पास से रास्ता है। आसामाजिक तत्व इन रास्तों से आसानी से घुसकर वारदात करके निकल जाते हैं।
  • बिलासपुर रेलवे स्टेशन में सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम : रेलवे स्टेशन में 4 प्रवेश द्वार और 8 प्लेटफॉर्म हैं। 100 से अधिक पैसेंजर, मेल, एक्सप्रेस व मालगाडिंयां गुजरती हैं। प्रतिदिन 60 से 80 हजार यात्री सफर करते हैं। 1 बैग स्केनर मशीन, 86 सीसी टीवी कैमरे स्टेशन के अंदर और बाहर लगे हैं। डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉर्ड टीम रेलवे स्टेशन में मौजूद हैे। पत्राचार किया गया है: रेलवे स्टेशन में सुरक्षा को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों से बात हुई है। स्टेशन में केवल दो गेट होने चाहिए, एक प्रवेश के लिए और दूसरा बाहर निकलने के लिए। इसके अलवा सारे गेट बंद करने के साथ ही। दूसरे छोर को घेरने कई बार पत्राचार किया गया है। दिलीप बस्तिया, पोस्ट प्रभारी, रेलवे स्टेशन
  • चारों ओर से खुला है स्टेशन : मेटल डिटेक्टर, बैग स्कै नर मशीन या अन्य सुरक्षा के उपाय तब तक कारगार नहीं हो सकते, जब तक स्टेशन चारों ओर से खुला है।
    रश्मि गौतम, सीनियर डीसीएम
  • जान-माल की पूरी सुरक्षा की जा रही : बिलासपुर रेलवे स्टेशन में सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवान है। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। यात्रियों की जान-माल की पूरी सुरक्षा की जा रही है।
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