Chairman Railway Board Launches “Mission Satyanishtha” – a Program on Ethics in Public Governance

भारतीय रेलवे ने शासन में नैतिकता पर आधारित एक कार्यक्रम “मिशन सत्यनिष्ठा” का शुभारम्भ किया
Shri Piyush Goyal Hon’ble Union Minister of Railway addressing the session and oath-taking occasion

NEW DELHI: Shri Ashwani Lohani, Chairman Railway Board launched “Mission Satyanishtha” –  program on ethics in Public Governance for Railway Officers/Supervisors today i.e., 27th July, 2018 from the National Rail Museum, New Delhi. All the Zonal Railways and Production Units were joined through Live Webcast from New Delhi.

On South Central Railway, the program was arranged for webcast at the Headquarters, all Divisions and Workshops. At the SCR headquarters Rail Nilayam, Shri Vinod Kumar Yadav, General Manager, SCR; Shri John Thomas, Additional General Manager; Shri N.V.Ramana Reddy, Principal Chief Personnel Officer; other Principal Heads of Departments, Officers and Supervisory staff participated in the day long program to mark the launch of “Mission Satyanishtha”.

Shri Piyush Goyal Hon’ble Union Minister of Railway addressing the session.

Shri Piyush Goyal, Hon’ble Minister of Railways in his address emphasized that allowing a wrong is also a compromise of ethics and therefore, standing and watching a corrupt deed is not agreeable. Lethargy in the system is also a unethical practice, the Minister stressed. Welfare of the staff is an avenue of ensuring that the ethics, integrity and probity remain tuned in to their personality, he opined. It is from within ourselves that these positive qualities should start, he said.

Shri Vinod Kumar Yadav, GM,SCR along with officers attend the program at SCR HQrs.

Earlier, in his inaugural address, the Chairman Railway Board stressed on the importance of all railway servants to maintain impeccable conduct and integrity in the course of their duties. This is vital in the context of the fact that issues of corruption, ethics, integrity and probity in public life have always been a matter of concern. “Mission Satyanishtha” is meant to sensitize Railway Officers and Supervisors about the need to adhere ethics to maintain high standards of probity in public life.

Facilitators who took various sessions on the day include Shri Shri K.V. Chowdary, Central Vigilance Commissioner; Dr. Nanditesh Nilay; Shri Mahesh Kapoor, IRTS, former Advisor, Planning Commission; Shri Shanthi Narayan, IRTS, former Member Traffic, Railway Board; Shri Prabhat Kumar, IAS, Former Cabinet Secretary; Shri Mukund. B. Kaushal, IPS, former Secretary, Internal Security, Ministry of Home Affairs; Shri Anil Swaroop, IAS, former Secretary, School Education and Literacy, Ministry of Human Resource Development and Shri Balvinder Kumar, IAS, former Secretary, Mines.

किसी भी सरकारी संगठन द्वारा आयोजित अपनी तरह के पहले कार्यक्रम में भारतीय रेलवे ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में शासन में नैतिकता पर आधारित एक कार्यक्रम के आयोजन में “मिशन सत्यनिष्ठा” का शुभारम्भ किया । माननीय रेलमंत्री श्री पियूष गोयल ने इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को शपथ दिलवाई । रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, श्री अश्विनी लोहानी ने कार्यक्रम का उदघाटन किया और प्रतिभागियों को विषय से अवगत करवाया । उत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक, श्री विश्वेश चौबे के नेतृत्व में उत्तर रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया । इस अवसर पर बोलते हुए माननीय रेलमंत्री ने कहा कि “लोगों से संगठन का परिचय मिलता है और संगठन से लोगों का । अत: कार्य संस्कृति को बेहतर बनाते हुए उसमें पारदर्शिता लानी है । सूचनाएं सार्वजनिक क्षेत्रों में भेजी जानी चाहिएं ताकि उपयोगकर्ताओं से सर्जनात्मक सुझाव मिल सकें ।“ उन्होंने आगे कहा कि “किसी भी प्रणाली में कार्य के प्रति रूचि का अभाव भी अनैतिक आचरण की तरह ही है और इसे भी एक प्रकार से भ्रष्टाचार से कम न समझा जाये।“

सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा जैसे विषय शासन में चिंता का विषय रहे हैं । इस संदर्भ में, यह बेहद जरूरी है कि सभी रेल कर्मचारी सदैव सही आचरण और सत्यनिष्ठा का पालन करें । “मिशन सत्यनिष्ठा” का शुभारम्भ सभी रेल कर्मचारियों को कार्य में सत्यनिष्ठा के उच्च मानकों का निर्वहन करते हुए नैतिकता का आचरण करने के प्रति जागरूक किया । इस उद्देश्य के लिए समूच भारतीय रेलवे पर चर्चाओं और वक्तव्यों का आयोजन किया जा रहा है । इस मिशन का उद्देश्य निम्नानुसार है:-

  1. प्रत्येक कर्मचारी को निजी और सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को समझने की आवश्यकता के संबंध में प्रशिक्षित करना ।
  2. जीवन और शासन में नैतिक दुविधाओं से निपटना ।
  3. नैतिकता और सत्यनिष्ठा पर भारतीय रेलवे की नीतियों को समझने में मद्द करना और उसे बनाए रखने में कर्मचारियों की भूमिका बताना ।
  4. अंतर आत्मा की आवाज के माध्यम से आंतरिक शासन विकसित करना ।

इस मुद्दे पर प्रख्यात विभूतियों ने अपने वक्तव्य दिए :

  1. श्री के0 वी0 चौधरी, केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त
  2. श्री प्रभात कुमार, आईएएस, पूर्व केबिनेट सचिव
  3. श्री महेश कपूर, आईआरटीएस, पूर्व सलाहकार, योजना आयोग ।
  4. श्री शांति नारायण, आईआरटीएस, पूर्व सदस्य यातायात, रेलवे बोर्ड ।
  5. श्री अनिल स्वरूप, आईएएस, पूर्व सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ।
  6. श्री मुकुंद बी0 कौशल, आईपीएस, पूर्व सचिव, आंतरिक सुरक्षा, गृह मंत्रालय ।
  7. श्री बलविन्दर कुमार, आईएएस, पूर्व सचिव, खनन ।
  8. डॉ0 नंदितेश निलय, प्रेरक एवं पूर्व अध्यक्ष, आईएसटीडी, डिप्लोमा बोर्ड ।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय रेल संग्रहालय से सभी क्षेत्रीय रेलों, मंडलों और उत्पादन इकाईयों को वीडियो लिंक के जरिये सीधा प्रसारित किया गया ।

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