Indian Railways introduces first Double Stack Dwarf Container Service from Rajkot Division

First Double Stack Dwarf Container train flagged off at Rajkot station by P.B.Ninawe – Divisional Railway Manager, S.S.Yadav – ADRM and other senior officers of Western Railway’s Rajkot DivisIon. भारतीय रेल की पहली डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन की राजकोट मंडल से शुरुआत पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए. के. गुप्ता ने दी समूची टीम को बधाई.

RAJKOT: Indian Railway’s first ever Double Stack Dwarf Container Services was flagged off on 7th July, 2018 at 11.00 hrs from Western Railway’s Rajkot railway station by Shri P. B. Ninawe – Divisional Railway Manager of Rajkot Division. 82 containers loaded with Polypropylene Granules, this train was booked from the Reliance Rail Siding at Kanalus to Rewari in the state of Haryana. Due to this Double Stacked Dwarf Container Service, Indian Railways received increased revenue of Rs. 18.50 lakhs. Presently, M/s Reliance Industries plans to book 2-3 trains per month from Rajkot Division and is expected to increase in the near future.

According to a press release issued by Shri Ravinder Bhakar – Chief Public Relations Officer of Western Railway, this innovative initiative was personally monitored by Shri A.K.Gupta – General Manager of Western Railway with keen interest and from the initial stage, he very well ensured all the necessary approvals & required actions for suitable execution of the plan. Now this unique plan has been successfully implemented, which is yet another FIRST in Western Railway’s kitty who has been a Pioneer Zonal Rly for many of its superb achievements.

The Double Stacked Container is 6 ft 4 inches in height and can run on electrified tracks. Despite being smaller in size, the dwarf containers can hold a capacity of 30,500 kgs. In comparison with regular containers, these containers are 662 mm short but 162 mm wider. The dwarf containers can hold a volume of approximately 67% more when compared to traditional containers.

Presently, due to its height, the regular double stack ISO containers can run only on few chosen routes on Indian Railways but these short-heighted Double Containers can run on most tracks very easily. With the use of these double-stack dwarf containers, the cost of the unit will be significantly reduced due to the rail transport being cheaper than the road.

Currently, ‘Low Density Products’, such as plastic granules, PVC polyester fabric, white goods, FMCG products, polyethylene, auto car, etc. are being transported mostly by road, but due to the low cost of transportation in dwarf containers, Railways now offers a viable transport. At the general freight rate, the double-stack dwarf container trains can generate more than 50% of the revenue.

Western Railway’s General Manager Shri A.K. Gupta has congratulated Shri P.B. Ninawe- Divisional Rly Manager of Rajkot & his entire team on the successful run of Indian Railways’ first Double Stack Dwarf Container Train from Rajkot Division and expressed the possibility of a substantial increase in rail revenue. On this occasion, Shri S. S. Yadav – Additional Divisional Railway Manager of Rajkot Division, senior railway officers, branch officers and staff of other departments were also present.

फोटो कैप्शन : भारतीय रेलवे की पहली डबल स्टेक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन को राजकोट स्टेशन से झंडी  दिखाकर रवाना करते हुए  नजर आ रहे हैं राजकोट मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री पी बी निनावे, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री एस. एस. यादव तथा राजकोट मंडल के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण।

भारतीय रेल की पहली डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन को पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल के मंडल रेल प्रंबधक श्री पी बी निनावे ने 7 जुलाई, 2018 को 11:00 बजे राजकोट रेलवे स्टेशन से झंडी दिखाकर रवाना किया। पोली प्रोपलीन ग्रेन्यूल्स से लदे हुए कुल 82 कंटेनर्स की यह ट्रेन कानालुस में स्थित रिलायंस रेल साइडिंग से हरियाणा राज्य में रेवाड़ी के लिए बुक की गई है। इस डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर सेवा के कारण भारतीय रेल को 18.50 रु. लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्तमान में मैसर्स रिलायंस इंडस्ट्रीज को राजकोट मंडल से प्रति माह 2-3 ट्रेनें बुक करवाने की योजना है, जो निकट भविष्य में और अधिक बढ़ने की सम्भावना है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री रविंद्र भाकर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस अभिनव पहल को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए.के.गुप्ता ने शुरुआती चरण से ही व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर किया। उन्होंने इस योजना के निष्पादन के लिए सभी आवश्यक अनुमोदनों एवं कार्रवाइयों को पूरी तरह से सुनिश्चित किया। अब इस अनूठी योजना को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा चुका है, जिसने पश्चिम रेलवे को एक और अहम क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे अपनी अनेक विलक्षण उपलब्धियों के लिए पूरी भारतीय रेल प्रणाली पर अग्रणी जोनल रेलवे रही है। डबल स्टैक कंटेनर ऊँचाई में 6 फीट 4 इंच है और यह विद्युतीकृत रेल मार्गों पर भी चल सकते हैं। ऊँचाई  में छोटे होने के बावजूद ड्वार्फ कंटेनर में 30,500 किलोग्राम का सामान लोड किया जा सकता है। नियमित कंटेनर्स की तुलना में ये कंटेनर्स 662 मिलीमीटर छोटे तथा 162 मिलीमीटर चौड़े हैं।

परम्परागत कंटनेर्स की तुलना में ड्वार्फ कंटेनर्स में लगभग 67% अधिक आयतन की क्षमता है। वर्तमान में ऊँचाई के कारण जहाँ नियमित डबल स्टैक आई एस ओ कंटेनर्स भारतीय रेल के कुछ गिने-चुने मार्गों पर ही चल सकते हैं। वहाँ ये शार्ट-हाइटेड डबल कंटेनर्स अधिकांश ट्रैक पर बहुत ही आसानी से चल सकते हैं। इन डबल-स्टैक ड्वार्फ कंटेनर्स के उपयोग से रेल परिवहन, सड़क परिवहन के मुकाबले सस्ता होने के कारण माल परिवहन की लागत उल्लेखनीय रूप से कम हो जाएगी। वर्तमान में ‘लो डेन्सिटी प्रोडक्ट’ जैसे कि प्लास्टिक ग्रेनुल्स, पी वी सी पॉलिस्टर फैब्रिक, व्हाइट डाइस, एफ एम जी सी उत्पाद, पॉलीएथीलीन, ऑटो कार आदि की ढुलाई ज्यादातर सड़क मार्ग से हो रही है, जो अब ड्वार्फ कंटेनर में परिवहन की लागत कम होने की वजह से रेलवे को मिलने की उम्मीद है। सामान्य ढुलाई दर पर डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन 50 प्रतिशत से ज्यादा राजस्व उत्पन्न कर सकती है।

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए.के.गुप्ता ने भारतीय रेल की प्रथम डबल स्टैक ड्वार्फ कंटेनर ट्रेन को राजकोट मंडल से सफलतापूर्वक चलाने के लिए राजकोट मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री पी. बी. निनावे तथा उनकी टीम को हार्दिक बधाई दी है तथा इससे रेल राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की सम्भावना व्यक्त की है। इस अवसर पर राजकोट मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री एस.एस. यादव, वरिष्ठ रेलवे अधिकारी, शाखा अधिकारी तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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